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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 27, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

टिप्पणी मामला : पूर्व राज्यसभा सदस्य वीरपाल पर मुकदमा चलाने को मांगी इजाजत Bareilly News

By Abhishek PandeyEdited By:
Published: Thu, 27 Jun 2019 09:56 AM (IST)Updated: Fri, 28 Jun 2019 09:58 AM (IST)

पिछले साल सावन माह में बिथरी के खजुरिया ब्रह्मनान व उमरिया गांव के लोगों के बीच कांवड़ यात्र निकालने को लेकर विवाद हो गया था।

टिप्पणी मामला : पूर्व राज्यसभा सदस्य वीरपाल पर मुकदमा चलाने को मांगी इजाजत Bareilly News
टिप्पणी मामला : पूर्व राज्यसभा सदस्य वीरपाल पर मुकदमा चलाने को मांगी इजाजत Bareilly News

 बरेली, जेएनएन : पूर्व राज्यसभा सदस्य वीरपाल सिंह यादव को पिछले साल सावन माह में कांवड़ियों को लेकर की गई टिप्पणी भारी पड़ सकती है। उनके खिलाफ दर्ज मुकदमे में पुलिस ने आरोप तो लगभग तय कर दिए हैं। अब पुलिस ने शासन से वीरपाल सिंह पर मुकदमा चलाने के लिए अनुमति मांगी है। पत्र शासन को गया हुआ है लेकिन अभी तक शासन से कोई जवाब नहीं आया। अगर शासन ने मुकदमे की अनुमति दे दी तो निश्चित ही पूर्व राज्यसभा सदस्य मुश्किल में पड़ जाएंगे।

पिछले साल सावन माह में बिथरी के खजुरिया ब्रह्मनान व उमरिया गांव के लोगों के बीच कांवड़ यात्र निकालने को लेकर विवाद हो गया था। मामला तब तूल पकड़ गया था जब बिथरी विधायक राजेश मिश्र उर्फ पप्पू भरतौल जिद पर अड़ गए थे कि कांवड़िए हर हाल में तयशुदा रास्ते से कांवड़ लेकर जाएंगे। विवाद बढ़ने पर पुलिस ने दोनों तरफ से मुकदमे दर्ज किए थे।

पुलिस को लाठी चार्ज तक करना पड़ा था। उमरिया गांव के करीब 40 से ज्यादा लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। इसी दौरान पूर्व राज्यसभा सदस्य वीरपाल सिंह यादव भी उमरिया गांव पहुंच गए। उन्होंने कांवड़ियों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी। जिसको लेकर एक वर्ग विशेष में आक्रोश फैल गया था। पुलिस ने इस मामले में पूर्व राज्यसभा सदस्य वीरपाल यादव के खिलाफ धार्मिक भावनाओं का भड़काने के मामले में मुकदमा दर्ज किया था।

पूर्व में इस मुकदमे की विवेचना बिथरी थाने से चल रही थी। इसके बाद इसे क्राइम ब्रांच में भेज दिया गया। पुलिस ने अपनी जांच में पूर्व राज्यसभा सदस्य के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं। उनके खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति लेने के लिए शासन को पत्र लिखा गया है। पुलिस अब शासन की अनुमति का इंतजार कर रही है।

धार्मिक उन्माद फैलाने या इस तरह के मामलों में मुकदमा चलाने के लिए शासन से अनुमति लेना अनिवार्य है।

- रमेश भारतीय, एसपी क्राइम

 

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