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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 29, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मेडिकल के छात्रों को मिला तोहफा, यूपी के इस मेडिकल कालेज में आठ डिप्लोमा कोर्सों को मिली मंजूरी

By Ravi MishraEdited By:
Published: Fri, 29 Oct 2021 04:44 PM (IST)

Diploma Courses in Shahjahanpur Medical College शाहजहांपुर में श्री रामप्रसाद बिस्मिल स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय को आठ डिप्लोमा पाठ्यक्रमों की ...और पढ़ें

मेडिकल के छात्रों को मिला तोहफा, यूपी के इस मेडिकल कालेज में आठ डिप्लोमा कोर्सों को मिली मंजूरी
मेडिकल के छात्रों को मिला तोहफा, यूपी के इस मेडिकल कालेज में आठ डिप्लोमा कोर्सों को मिली मंजूरी

बरेली, जेएनएन। Diploma Courses in Shahjahanpur Medical College : शाहजहांपुर में श्री रामप्रसाद बिस्मिल स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय को आठ डिप्लोमा पाठ्यक्रमों की पढा़ई को स्वीकृति मिल गई है। चिकित्सा शिक्षा मंत्री के प्रयास पर उप्र. स्टेट मेडिकल फैकल्टी सचिव ने दीपावली पर 240 सीटों का उपहार दिया है। प्रत्येक पाठ्यक्रम में तीस सीटों पर इसी वर्ष से प्रवेश के साथ शिक्षण कार्य शुरू हो जाएगा।

वर्ष 2019 में श्री रामप्रसाद बिस्मिल संयुक्त जिला चिकित्सालय को स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध कर एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू करा दी गई। एमबीबीएस की सौ सीटों में 85 राज्य तथा 15 आल इंडिया नीट के तहत प्रवेश हुए। इस बार एबीबीएस के तीसरे बैच के प्रवेश होंगे। लेकिन नीट का परीक्षा परिणाम आने से पहले ही आठ डिप्लोमा पाठ्यक्रमों को मंजूरी मिल गई है।

इन डिप्लोमा पाठ्यक्रम को मिली अनुमति

डिप्लोमा इन एनेस्थीसिया, डिप्लोमा इन क्रिटिकल केयर युनिट, डिप्लोमा इन एमरजेंसी एंड ट्रामा केयर यूनिट, डिप्लोमा इन ओटी टेक्नीशियन, डिप्लाेमा इन डायलिसिस टेक्नीनिशयन, डिप्लाेमा इन आर्थोपेडिक एंड प्लास्टर टेक्निशियम, डिप्लोमा इन आप्टोमेट्री, डिप्लोमा इन लैबोरेटरी टेक्नीनिशयन, डिप्लोमा इन एक्सरे टेक्नीशियन।

गत माह हुआ था मेडिकल कालेज का निरीक्षण

उप्र. प्रदेश स्टेट मेडिकल फैकल्टी की टीम ने गत माह मेडिकल कालेज का निरीक्षण किया था। टीम में केजीएमयू के प्रोफेसर के साथ ही सीतापुर आंख अस्पताल समेत कई पीजी कालेज के प्रोफेसर शामिल थे।

डिप्लोमा पाठ्यक्रम की अनुमति से रोजगार के अवसर सृजित होंगे। स्वास्थ्य व्यवस्था बेहतर होगी। प्रत्येक पाठ्यक्रम में 30 सीटों पर स्टेट फैकल्टी के तहत प्रवेश होगा। प्रो. डा. राजेश कुमार, प्रधानाचार्य स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय