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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 31, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पीलीभीत टाइगर रिजर्व में मिला तेंदुआ का सड़ा गला शव

By JagranEdited By:
Published: Tue, 31 Jul 2018 03:12 PM (IST)

संपूर्णानगर रेंज के अंतर्गत इंडो-नेपाल बॉर्डर पर गांव बाजारघाट बेल्हा के पास नाला में तेंदुआ का शव मिला।

पीलीभीत टाइगर रिजर्व में मिला तेंदुआ का सड़ा गला शव
पीलीभीत टाइगर रिजर्व में मिला तेंदुआ का सड़ा गला शव

बरेली(जेएनएन)। संपूर्णानगर रेंज के अंतर्गत इंडो-नेपाल बॉर्डर पर गांव बाजारघाट बेल्हा के पास सुतिया नाला में तेंदुआ का सड़ा शव मिला है। सूचना ग्रामीणों ने सोमवार को ही वन कर्मियों के लिए दे दी थी लेकिन, वे मंगलवार को पहुंचे। शव पानी में उतरा रहा था। उसका पिछला हिस्सा लगभग आधा सड़ गया था।

मामला शिकार का तो नहीं, इस आशंका पर हजारा एसओ सीपी शुक्ला भी पहुंचे। ग्रामीणों से पूछताछ की। बाद में लखीमपुर खीरी के डीएफओ भी मौके पर पहुंचे। शव को पोस्टमार्टम के लिए आइवीआरआइ भेजा गया है। डीएफओ ने वन स्टाफ को तेंदुआ की मौत की जांच करने को दी है। शुरुआत में वनकर्मी सांड़ का शव पड़ा होना बता रहे थे। अब कहा जा रहा है कि नेपाल से तेंदुआ का शव बहकर आया है। --इस साल अब तक छह बाघों की हो चुकी है मौत : टाइगर रिजर्व बनने का मुख्य उद्देश्य बाघों की लगातार घट रही संख्या में इजाफा करना व अन्य वन्यजीवों का संरक्षण करना था। मगर लगातार बेमौत बाघों के मरने की मुख्य वजह से वनकर्मियों की लापरवाही सामने आ रही है। पिछले कई वर्षों से एक ही स्थान पर जमे वनकर्मी जंगल में गश्त करने की जहमत नहीं उठा रहे हैं। इसके चलते जंगली जानवरों को नुकसान पहुंच रहा है। शिकारी जंगल के अंदर घूम रहे हैं और जानवर जंगल से बाहर। 9 जून 2014 को टाइगर रिजर्व घोषित होने के बाद अब तक एक दर्जन बाघों की मौत हो चुकी हैं। वन विभाग ने लगातार हो रही बाघों की मौत से कोई सबक नहीं लिया है। बाघों की मरने की संख्या सबसे अधिक इस वर्ष दर्ज की गई है। इस साल अब तक 6 बाघ मर चुके हैं। गिने-चुने बाघ लगातार ऐसे ही बेमौत मरते रहे तो टाइगर रिजर्व का मतलब ही खत्म हो जाएगा। वन को जंगली जानवरों की सुरक्षा के लिए वन विभाग को गस्त में तेजी लानी होगी तभी इस समस्या से निजात मिल सकेगी।

--अब तक मरने वाले बाघों की सूची

-16 अक्टूबर 2014 महोफ रेंज के फैजुल्लागंज में बाघ का शव आपसी संघर्ष में हुई थी मौत।

-23 अप्रैल 2015 डगा के पास हरदोई ब्रांच नहर में मिला था बाघ का शव

-12 जुलाई 2017 खुटार रेंज में हरदोई ब्रांच में डूबने से हुई थी बाघिन की मौत।

-23 अक्टूबर 2017 माला रेंज में मिले थे दो शावकों के शव

-6 फरवरी 2018 डगा गांव के पास मिला तेंदुआ का शव

-29 मार्च 2018 शारदा सागर डैम में उतरता हुआ मिला बाघ का शव

-11 अप्रैल 2018 डगा के पास रजवहा पटरी पर मिला बाघ का शव

-19 अप्रैल 2018 महोफ में मिला बाघ का शव

-20 मई 2018 खारजा नहर की पटरी पर मिला बाघ का सड़ा गला शव।

-31 जुलाई 2018 बॉर्डर क्षेत्र के बाजार घाट सुतिया नाला में मिला तेंदुए का सड़ा गला शव।

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