विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 08, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Bareilly Central Jail की सलाखों से आजादी के इंतजार में केशव, अभिलेख जलने की वजह से नहीं मिल रही रिहाई

By Mohammad Aqib KhanEdited By:
Published: Mon, 08 Aug 2022 08:30 PM (GMT+05:30)

Bareilly Central Jail में हत्या के मामले में केशव तीन जनवरी वर्ष 2001 से बंद हैं। स्वतंत्रता दिवस पर वह ...और पढ़ें

Bareilly Central Jail की सलाखों से आजादी का इंतजार, अभिलेख जलने की वजह से नहीं मिल सकी रिहाई : जागरण
Bareilly Central Jail की सलाखों से आजादी का इंतजार, अभिलेख जलने की वजह से नहीं मिल सकी रिहाई : जागरण

बरेली, जागरण संवाददाता: केशव, आजादी की 75वीं सालगिरह पर सूरज खुली हवा में देखना चाहते हैं। स्वतंत्रता दिवस पर वह भी जेल की सलाखों से आजाद होने के इंतजार में हैं लेकिन, गायब कागजों के चलते ताला नहीं खुल पा रहा है। जीं हां, हम बात कर रहे हैं Bareilly Central Jail में बंद बंदी केशव प्रसाद की जो हत्या के मामले में तीन जनवरी वर्ष 2001 से वह बरेली की सेंट्रल जेल में बंद हैं।

अग्निकांड में जल गए प्रपत्र

केशव प्रसाद बरेली सेंट्रल जेल से पहले सीतापुर जेल में बंद थे। तीन जनवरी वर्ष 2001 को वह सीतापुर जेल से बरेली की सेंट्रल जेल भेजे गए। सीतापुर जेल से केशव के प्रपत्र नहीं पहुंचे, जेल में हुए अग्निकांड में प्रपत्र जलने का हवाला दिया गया।

धीरे-धीरे करके सेंट्रल जेल में केशव को बंद हुए 21 साल एक महीने से अधिक का समय बीत गया। इसी बीच 20 वर्ष या उससे अधिक की सजा काट चुके बंदियों की शासन की स्थायी नीति के तहत आचरण के आधार पर रिहाई शुरू हुई जिसमे केशव का भी नाम आया।

22 अगस्त को अगली सुनवाई

केशव के मामले में जब सुनवाई शुरू हुई तब पता चला कि उनके अभिलेख ही गायब हैं। इसी के चलते उनकी रिहाई पर सुनवाई नहीं हो पा रही है। मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में पहुंचा। हाईकोर्ट ने समय पूर्व रिहाई पर विचार करने का आदेश राज्य सरकार को दिया।

मामले में अब अगली सुनवाई 22 अगस्त को होनी है। फिलहाल, केशव को पूरी उम्मीद है कि आजादी की 75वीं सालगिरह में वह भी खुली हवा में सांस लेंगे।

सेंट्रल जेल के अलावा कितनी काट चुके सजा, संशय

बरेली सेंट्रल जेल में केशव 21 साल एक महीने से अधिक की सजा काट चुके हैं। 18 दिसंबर 1976 को वह दोष सिद्ध करार दिये गए थे। सामने आया कि वह दोष सिद्ध की तारीख से जेल में हैं। उस अनुसार उनके 46 वर्षों से जेल में बंद होने की बात सामने आई लेकिन, सीतापुर जेल के प्रपत्र जलने के चलते केशव ने सेंट्रल जेल के अलावा कितनी सजा काटी। इस पर संशय है।

इनका कहना है

बंदी केशव की रिहाई का प्रकरण स्थायी नीति के तहत शासन स्तर पर चल रहा है। सेंट्रल जेल से संबंधित प्रपत्र भेज दिये गए हैं। -आरएन पांडेय, डीआइजी जेल