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    IVRI ने रचा इतिहास: NAAC में 'A++' ग्रेड हासिल कर ICAR डीम्ड यूनिवर्सिटीज में बनाई नंबर 1 रैंक

    Updated: Sun, 30 Nov 2025 10:31 PM (IST)

    भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (IVRI) को राष्ट्रीय मूल्यांकन और प्रत्यायन परिषद (NAAC) द्वारा ए++ ग्रेड मिला है। यह संस्थान की शिक्षा, अनुसंधान और बुनियादी ढांचे में उत्कृष्टता को दर्शाता है। यह ग्रेड IVRI की उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा और अनुसंधान के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है। संस्थान नवाचार और उत्कृष्टता के माध्यम से पशु चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में अपनी अग्रणी भूमिका बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

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    आइवीआरआइ

    जागरण संवाददाता, बरेली। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान (आइवीआरआइ) को नैक ने ए-डबल प्लस ग्रेड दिया है। शैक्षिक गुणवत्ता, नवाचार और बुनियादी ढांचे को अपनी कसौटी पर खरा उतारने के बाद ही इसकी ग्रेडिंग की जाती है। इस उपलब्धि पर निदेशक डा. त्रिवेदी दत्त ने प्रशंसा जाहिर करते हुए कहा कि यह सभी विज्ञानियों, छात्रों और कर्मचारियों की मेहनत का ही नतीजा है, जो संस्थान को इतना बड़ा सम्मान प्राप्त हुआ है। आगे भी संस्थान इसी तरह से काम करता रहेगा।

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    राष्ट्रीय मूल्यांकन और प्रत्यायन परिषद (नैक) के एक डबल प्लस ग्रेड देने के बाद संस्थान के निदेशक डा. त्रिवेणी दत्त ने यह केवल एक ग्रेड नहीं है, बल्कि पशु चिकित्सा विज्ञान में वैश्विक मानकों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता की पुष्टि है। हम सरकार और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के आभारी हैं, जिन्होंने हमें लगातार समर्थन दिया।

    यह मील का पत्थर हमें देश की खाद्य सुरक्षा और पशुधन समृद्धि को सुनिश्चित करने के लिए और अधिक परिश्रम करने के लिए प्रेरित करेगा। डा. दत्त ने कहा कि संस्थान ने चार में से 3.58 का असाधारण स्कोर प्राप्त करके, देश के शीर्ष शैक्षणिक और अनुसंधान संस्थानों में अपनी स्थिति को और मजबूत किया है।

    आइवीआरआइ ए डबल प्लस ग्रेड से मान्यता प्राप्त करने वाला भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के डीम्ड विश्वविद्यालयों में पहला संस्थान बन गया है। इस साल दो से चार जून तक हुई एनएएसी की आन-साइट पीयर टीम ने संस्थान का भ्रमण कर सभी पहलुओं का आलोचनात्मक मूल्यांकन किया।

    इस उपलब्धि पर संस्थान के संयुक्त निदेशक शैक्षणिक डा. एस.के. मेंदीरत्ता ने कहा कि इस असाधारण सफलता का श्रेय डा. त्रिवेणी दत्त के अनुकरणीय नेतृत्व, सावधानीपूर्वक समन्वय प्रयासों, आइक्यूएसी समन्वयक डा. मनीष महावर और एसोसिएट नोडल अधिकारी डा. मधु सीएल की समर्पित कड़ी मेहनत, और सभी समिति अध्यक्षों तथा सदस्यों के सामूहिक योगदान को जाता है।

     

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