बरेली, जेएनएन। Indian Railways : जंक्शन बनने से अब शाहजहांपुर से चारों दिशाओं में ट्रेनें दौडेगी। जबकि अभी तक दिल्ली, लखनऊ व सीतापुर की ओर ही यात्री शाहजहांपुर से ट्रेनों से जा पा रहे थे। लेकिन अब पीलीभीत से लेकर उत्तराखंड के टनकपुर तक न सिर्फ यात्रियों का सफर आसान होगा बल्कि व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा। सबकुछ ठीक रहा तो जल्द ही यहां ट्रेनों के स्टापेज की संख्या भी बढ़ जाएगा।

शाहजहांपुर से पीलीभीत रेल मार्ग पर ब्राडगेज का काम पूरा होने के बाद शाहजहांपुर स्टेशन से पीलीभीत के लिए भी ट्रेनों का संचालन शुरू हो जाएगा। जबकि पीलीभीत के लिए तीन साल पहले पूर्वोत्तर रेलवे स्टेशन से संचालन हो रहा था। इसके अलावा बड़ी लाइन से दिल्ली, लखनऊ व सीतापुर मार्ग पर ही ट्रेनों का संचालन हो रहा था। जंक्शन बनने के बाद लखनऊ, सीतापुर की ओर से आने वाले यात्री व मालगाड़ियों का संचालन शाहजहांपुर होते हुए सीधे पीलीभीत एवं टनकपुर तक किया जा सकेगा। इसके अलावा जंक्शन बनने के बाद नई पावर केबिन से विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था भी कराई जा रही है।

बढ़ेगी ट्रांसफार्मरों की संख्या

चौबीस घंटे बिजली सप्लाई के लिए 10 केवीए के पांच ट्रांसफार्मर व 25 केवीए का एक ट्रांसफार्मर लगाया जाएगा। ताकि बिजली व्यवस्था बेहतर रहे। जबकि इससे पहले यहां बिजली को लेकर काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।

पीलीभीत के लिए दो प्लेटफार्म

शाहजहांपुर से पीलीभीत की ओर चलने वाली ट्रेनों के लिए भी दो प्लेटफार्म उपलब्ध की सुविधा की गई है। जबकि इससे पहले सिर्फ एक प्लेटाफार्म से ही ट्रेनों का संचालन हो रहा था।इससे यात्री सुविधा के अलावा व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा।

क्या है जंक्शन

जिस रेलवे स्टेशन से दो से अधिक दिशाओं के लिए ट्रेनों का संचालन होने की व्यवस्था रहती है उसे जंक्शन का दर्जा दिया जाता है। शाहजहांपुर स्टेशन से दिल्ली, लखनऊ के अलावा पीलीभीत के लिए भी रेल लाइन शुरू हो रही है। इसके अलावा शाहजहांपुर जिले में रोजा पहले से जंक्शन है। रोजा से दिल्ली, लखनऊ के अलावा सीतापुर रूट पर भी ट्रेनें जाती है।

फैक्ट फाइल

- 12000 यात्री शाहजहांपुर से सफर करते थे।

- 72 ट्रेनों का यहां स्टापेज अप व डाउन लाइन पर था।

-14 सिग्नल की संख्या पहले थी

-32 सिग्नल जंक्शन होने पर कर दिए गए।

- 5 रनिंग लाइन थी पहले

-11 रनिंग लाइन जंक्शन बनने के बाद हो गई।

- 58 मार्ग की संख्या स्टेशन से थे पहले

- 226मार्ग की संख्या अब हो गई स्टेशन से

- 16 शंट सिग्नल की संख्या थी पहले

- 36 शंट सिग्नल की संख्या हो गई है अब

- 37 ट्रैक सर्किट एवं प्वाइंट मशीन की संख्या था पहले

- 83 ट्रैक सर्किट एवं प्वाइंट मशीन की संख्या हो गई।

Edited By: Ravi Mishra