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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 27, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

यूपी के बदायूं जिले में गांव मौजमपुर की मंौज, इस तरह सभी लोग फ्री चला रहे इंटरनेट

By JagranEdited By:
Published: Thu, 27 Sep 2018 01:37 PM (IST)

सोशल मीडिया के दौर में बदायूं जिले के गांव मौजमपुर नेहनगर की मौज ही मौज रहेगी। इसलिए क्योंकि यह गांव पूरी तरह वाईफाई हो गया है।

यूपी के बदायूं जिले में गांव मौजमपुर की मंौज, इस तरह सभी लोग फ्री चला रहे इंटरनेट
यूपी के बदायूं जिले में गांव मौजमपुर की मंौज, इस तरह सभी लोग फ्री चला रहे इंटरनेट

बदायूं [कमलेश शर्मा]। सोशल मीडिया के दौर में मौजमपुर नेहनगर की मौज ही मौज रहेगी। इसलिए क्योंकि बदायूं जिले के उझानी ब्लॉक का यह गांव पूरी तरह वाईफाई हो गया है। यहां चार टॉवर लगाकर इंटरनेट की मुफ्त सुविधा दी जा रही है। कंट्रोल रूम गांव के प्राथमिक विद्यालय में बनाया गया है। विद्यालयों के शिक्षकों की हाजिरी भी बायोमीट्रिक मशीन से लग रही है। ग्राम पंचायत स्तर के कामकाज भी ऑनलाइन किए जा रहे हैं। यह भारत नेट प्रोजेक्ट से संभव हो सका है, जिसके पहले चरण की शुरूआत मौजमुपर से हुई है। आने वाले दिनों में हर गांव को वाईफाई से लैस करने की तैयारी है।

उझानी ब्लॉक क्षेत्र के गांव मौजमपुर नेहनगर में छतों पर जगह-जगह छोटे-छोटे टॉवर लगते देखकर नजरें खुद ठहर जाती हैं। प्रधान प्रेमलता ¨सह और उनके पति विनोद ¨सह ने बताया कि सरकार की ओर से गांव में टॉवर लगवाकर यह सुविधा दी जा रही है। पूरे गांव में केबिल बिछाई गई है। इसका कंट्रोल रूम प्राथमिक विद्यालय में बनाया गया है। गांव के लोगों खासकर युवाओं में उत्साह है।

--687 गांवों को मिलेगी सुविधा

इस मामले में जिला प्रबंधक दूर संचार डीएस तेवतिया ने बताया कि भारत नेट प्रोजेक्ट के तहत हर गांव को वाईफाई करने की प्रक्रिया शुरू हुई है। प्रथम चरण में 687 गांवों को लिया गया है। इन गांवों में आप्टिकल फाइबर केबिल बिछाई जा चुकी है। 611 गांवों में टे¨स्टग भी की जा चुकी है। अगले चरण में दूसरे गांवों को शामिल किया जाएगा। बीबीएनएल के जरिये यह सुविधा मुहैया कराई जा रही है। --गांवों में भी दिखेगी डिजिटल इंडिया की झलक

गांवों को भी डिजिटल इंडिया मुहिम से जोड़ने की यह कोशिश है। इसके तहत ग्राम पंचायत, प्राथमिक विद्यालय के डाटा ऑनलाइन ही शेयर होंगे। आम आदमी को गांव में इंटरनेट चौबीस घंटे उपलब्ध रहेगा। ग्रामीणों को कितना मुफ्त डाटा मिलेगा, अभी इसकी सीमा तय नहीं हो सकी है। माना जा रहा है कि आम आदमी की जरूरत के हिसाब से न्यूतम डाटा की सीमा तय की जा सकती है।