विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 06, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बरेली के भाजपाई भूले, कब बलिदान हुए डा. मुखर्जी- पोस्टर हुआ वायरल तो अध्यक्ष ने स्वीकारी गलती

Published: Sat, 06 Jul 2024 07:23 PM (IST)

Bareilly News दरअसल भाजपा के नेताओं ने जयंती के स्थान पर बलिदान दिवस के पोस्टर लगा दिए। सबसे बड़ी हैरानी ...और पढ़ें

पोस्टर वायरल होने के बाद भाजपा पदाधिकारी ने इस गलती को स्वीकार कर लिया।
पोस्टर वायरल होने के बाद भाजपा पदाधिकारी ने इस गलती को स्वीकार कर लिया।

HighLights

  1. जयंती पर लगाया बलिदान दिवस का पोस्टर, मंच पर मंत्री भी पहुंचे
  2. जयंती के स्थान पर बलिदान दिवस का पोस्टर लगाया
  3. बाद में मानी गलती

जागरण संवाददाता, बरेली। 'जहां हुए बलिदान मुखर्जी, वो कश्मीर हमारा है' नारा लगाने वाले भाजपा नेता उनके बलिदान दिवस और जयंती का अंतर भूल गए। शनिवार को जनसंघ के संस्थापक डा. श्याम प्रसाद मुखर्जी की जयंती थी मगर, महानगर इकाई के कार्यक्रम में मंच पर बलिदान दिवस का विशाल पोस्टर लगा दिया गया। उस पर लिखा गया 'संगोष्ठी - डा. श्याम प्रसाद मुखर्जी बलिदान दिवस। दिनांक-छह जुलाई 2024। स्थान- भाजपा कार्यालय बरेली।'

महानगर अध्यक्ष ने स्वीकारी गलती

यह पोस्टर इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित होने लगा तब महानगर अध्यक्ष अधीर सक्सेना ने गलती स्वीकारी। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता ने भूलवश त्रुटिपूर्ण पोस्टर बनवा दिया था। कार्यक्रम शुरू होते ही उस पर निगाह पड़ी मगर, सभी अतिथि मंच पर होने के कारण उस समय पोस्टर हटवाने की स्थिति नहीं बनी।

जयंती के स्थान पर लगाया बलिदान दिवस का पोस्टर

अखंड भारत के स्वप्नदृष्टा डा. श्याम प्रसाद मुखर्जी का बलिदान दिवस 23 जून को होता है। भाजपा उनके बलिदान दिवस से लेकर जयंती (छह जुलाई) तक के कार्यक्रम सभी जिलों में करती है। इसी क्रम में शनिवार को सिविल लाइंस स्थित पार्टी कार्यालय पर महानगर इकाई ने संगोष्ठी का आयोजन किया था।

इसमें प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, वन एवं पर्यावरण मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डा. अरुण कुमार सक्सेना, सांसद छत्रपाल गंगवार, कैंट विधायक संजीव अग्रवाल, एमएलसी कुंवर महाराज सिंह, महानगर अध्यक्ष अधीर सक्सेना मंचासीन थे।

मंच पर जयंती के स्थान पर बलिदान दिवस का पोस्टर लगाए जाने की जानकारी भाजपा की प्रदेश इकाई तक भी पहुंची। वहां से क्षेत्रीय अध्यक्ष दुर्विजय सिंह शाक्य से रिपोर्ट मांगी गई है। इस संबंध में क्षेत्रीय अध्यक्ष से पक्ष जानना चाहा मगर, उनका फोन रिसीव नहीं हुआ।

यह भी पढ़ें : थाने जाकर पुलिस से पति बोला; हुजूर 'गब्बर सिंह' की वजह से मेरी बीवी मर गई...यह है पूरा मामला