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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 17, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

यूपी में Love Jihad के सर्वाधिक मामले बरेली जोन में, 44 केस में आरोप पत्र दाखिल, अब तक 115 आरोपित गिरफ्तार

By Jagran NewsEdited By: Vivek Bajpai
Published: Thu, 17 Nov 2022 06:38 PM (IST)

Love Jihad in UP बरेली जोन के 59 मामलों में 44 में आरोप-पत्र दाखिल किये जा चुके हैं। बरेली जोन ...और पढ़ें

Love Jihad in UP: पुलिस लव जिहाद के मामलों में तेजी से कार्रवाई कर रही है। प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर
Love Jihad in UP: पुलिस लव जिहाद के मामलों में तेजी से कार्रवाई कर रही है। प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

बरेली, जागरण संवाददाता। Love Jihad in Bareilly:  दिल्ली के महरौली में श्रद्धा वाकर हत्याकांड से पूरे देश में सनसनी फैली हुई है। लव-जिहाद को लेकर बहस छिड़ी हुई है। इसी बीच जोन के जनपदों की स्थिति देखी गई तो यूपी में बरेली में मतांतरण के सर्वाधिक मामले पाए गए, जिसमें से आठ के विरुद्ध कोर्ट में आरोप-पत्र दाखिल किया जा चुका है। जोन के 59 मामलों में 44 में आरोप-पत्र दाखिल किये जा चुके हैं। बरेली जोन के ही जिले अमरोहा में लव जिहाद के मामले में प्रदेश में पहली सजा भी सुनाई जा चुकी है। प्रदेश में बरेली के बाद सबसे ज्‍यादा मुकदमे मेरठ जोन में हुए हैं।

बरेली जिले में लव जिहाद के सबसे ज्‍यादा अभियोग

बरेली जोन कार्यालय के आंकड़ों के मुताबिक, जोन के नौ जनपदों बरेली, बदायूं, पीलीभीत, शाहजहांपुर, मुरादाबाद, अमरोहा, सम्भल, रामपुर व बिजनौर में 27 नवंबर 2020 से 14 नवंबर 2022 तक मतांतरण के 59 अभियोग पंजीकृत किये गए हैं। इसमे बरेली में 12, पीलीभीत में 11, शाहजहांपुर में 10, मुरादाबाद व रामपुर में सात-सात, सम्भल व बिजनौर में चार-चार, अमरोहा में तीन व बदायूं में एक मामला पंजीकृत हुआ।

बरेली जोन के पीलीभीत जिले में सबसे ज्‍यादा गिरफ्तारी

पंजीकृत अभियोगाें में 119 आरोपितों के नाम लिखे गए जिसमे से 115 को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। पीलीभीत से सर्वाधिक 29 आरोपित जेल पहुंचे। चार आरोपित वर्तमान में फरार हैं। जांच के दौरान एक मामला फर्जी पाया गया, जिसके बाद उसे खारिज कर दिया गया। 58 में 44 मामलों में कोर्ट में आरोप-पत्र दाखिल कर दिया गया। 14 मामले विचाराधीन हैं। एडीजी जोन राजकुमार ने बताया कि सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर ऐसे मामलों में कार्रवाई सुनिश्चित कराई जा रही है। नियमित समीक्षा की जा रही है।