Bareilly News : बरेली में मानसिक कमजोर किशोरी से हैवानियत; जबरन करा दिया गर्भपात
आरोप है कि वह सूरज के इशारे पर पीछा करती आई थी। उसे जानकारी थी कि किशोरी गर्भवती है इसीलिए निजी अस्पताल लेकर आई। उसने दबाव बनाया कि गर्भपात करा ले। अस्पताल संचालक डा. सैयद जमीर हसन ने भी कहा कि बदनामी से बचना है तो गर्भपात ही कराना होगा। इसके बावजूद पुलिस के पास जाने की बात कहने पर जबरन किशोरी का गर्भपात करा दिया।

जागरण संवाददाता, बरेली : सोचने-समझने से लाचार अनुसूचित जाति की किशोरी से हैवानियत की गई। इलेक्ट्रीशियन सूरज ने उसे डराया, दुष्कर्म किया। मानसिक कमजोर होने के कारण वह न तो विरोध कर सकी, न ही किसी को घटना के बारे में बता सकी।
गर्भवती होने के छह महीने बाद तबीयत बिगड़ी तब स्वजन को जानकारी हुई। वे कार्रवाई करना चाहते थे मगर, आरोपित ने अस्पताल से साठगांठ कर जबरन गर्भपात करा दिया। रविवार को सूरज, आशा कार्यकर्ता ऊषा, एजेड अस्पताल के संचालक डा. सैयद जमीर हसन और अज्ञात महिला डाक्टर के विरुद्ध दुष्कर्म, पाक्सो, जबरन गर्भपात, एससी-एसटी एक्ट के अंतर्गत प्राथमिकी लिखी गई।
एक गांव में रहने वाली किशोरी की मां ने बताया कि फैक्ट्री में नौकरी करने के लिए परिवार कस्बा में आ गया। उसी कसबा में पीलीभीत के पूरनपुर निवासी इलेक्ट्रीशियन सूरज रहता है। छह महीने पहले वह पंखा ठीक करने के बहाने घर आया। उस समय मानसिक कमजोर बेटी घर में अकेली थी। सूरज ने उससे दुष्कर्म किया। उसकी धमकी के कारण बेटी सहम गई, इसलिए किसी को जानकारी नहीं दी।
20 अगस्त को उसकी तबीयत बिगड़ी तब मेडिकल कालेज ले जाना चाहा मगर, आशा कार्यकर्ता ऊषा ने रोक लिया। उसने कहा कि एसजेड समाज सेवा अस्पताल में दवा दिलाएंगे। वहां अल्ट्रासाउंड होने पर पता चला कि बेटी छह माह की गर्भवती है। उसके पास घंटों बैठकर बातचीत की, तब घटनाक्रम बता सकी। इसकी जानकारी होने पर थाने जाना चाहा तो आशा कार्यकर्ता ऊषा ने रोक लिया।
आरोप है कि वह सूरज के इशारे पर पीछा करती आई थी। उसे जानकारी थी कि किशोरी गर्भवती है, इसीलिए निजी अस्पताल लेकर आई। उसने दबाव बनाया कि गर्भपात करा ले। अस्पताल संचालक डा. सैयद जमीर हसन ने भी कहा कि बदनामी से बचना है तो गर्भपात ही कराना होगा। इसके बावजूद पुलिस के पास जाने की बात कहने पर जबरन किशोरी का गर्भपात करा दिया।
बड़ा आपरेशन करने की बात कहकर 65000 रुपये भी ले लिए। किशोरी के पिता ने बताया कि 20 अगस्त को दिनभर हुए घटनाक्रम की जानकारी मुझे नहीं होने दी गई। शाम को मुझे पता चला तो अस्पताल संचालक से विरोध जताया। इस पर उसने धमकाया कि गर्भपात में तुम लोग ही फंसोगे।
बोले, बेटी की हालत खराब थी, आरोपित पक्ष उग्र होता जा रहा था। ऐसे में समझ नहीं आया कि क्या करें। बेटी को अस्पताल से घर लाए और बदनामी के डर से चुप बैठ गए। इस बीच उसकी हालत लगातार बिगड़ती जा रही। वह बिस्तर से नहीं उठ पा रही है। हैवानियत करने वाले सूरज व अन्य आरोपितों के कारण उसकी यह स्थिति हुई, इसलिए तय कर लिया कि सजा दिलाएंगे। पुलिस के अनुसार, रविवार को सभी आरोपितों की तलाश की गई मगर, फरार हैं।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।