हरियाणा की देशी शराब में स्प्राइट मिलाकर पीने से दो लोगों की मौत, एक की हालत गंभीर
बरेली के तिगईदत्त गांव में जहरीली शराब पीने से दो लोगों की मौत हो गई जबकि एक व्यक्ति गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है। मृतकों ने हरियाणा के मस्ताना ब्रांड की शराब को स्प्राइट में मिलाकर पिया था। पुलिस ने शराब और स्प्राइट की बोतल को जांच के लिए भेजा है और मामले की जांच कर रही है।

जागरण संवाददाता, बरेली । हरियाणा के मस्ताना ब्रांड की शराब को स्प्राइट में मिलाकर पीने के बाद दो लोगों की मौत हो गई। एक ही हालत अभी गंभीर है, चौपुला रोड स्थित दीपमाला अस्पताल में उसका उपचार किया जा रहा है।
पुलिस ने बरामद शराब और स्प्राइट की बोतल को जांच के लिए फाेरेंसिक लैब भेज दिया है। हरियाणा पुलिस को भी संबंधित बोतल के बारे में बताकर उसके विक्रेता की जानकारी मांगी गई है। वहीं, दो लोगों की मौत की सूचना पर पुलिस प्रशासन के साथ ही आबकारी की टीमें भी गांव में पहुंची। क्षेत्र में कहीं कच्ची शराब तो नहीं बनती इसके लिए भी सर्च अभियान शुरू कर दिया गया है।
अलीगंज के तिगईदत्त गांव निवासी भगवान दास हरियाणा के फरीदाबाद में रहकर नौकरी करते हैं। गुरुवार रात को वह फरीदाबाद से अपने गांव लौटे तो वहां से मस्ताना ब्रांड की देशी शराब की एक बोतल लेकर आए। शुक्रवार सुबह करीब आठ बजे से भगवान दास अपने गांव के साथी रामवीर व सूरज पाल के साथ विजयपाल के ट्यूबवेल पर पहुंचे।
घर से ही स्प्राइट की बोतल में शराब मिलाकर ले गए थे
पुलिस के मुताबिक, वह घर से ही स्प्राइट की बोतल में शराब मिलाकर ले गए थे। तीनों ने वहां पर शराब पी और घर चले आए। दोपहर 12 बजे तीनों की तबीयत खराब होना शुरू हो गई। तब स्वजन उन्हें अस्पताल लेकर गए लेकिन डाक्टरों ने हालत गंभीर बताई। शुक्रवार रात उपचार के दौरान सबसे पहले रामवीर ने दम तोड़ दिया। सूरज पाल उर्फ सज्जू और भगवानदास के स्वजन उन्हें लेकर दीपमाला अस्पताल में आ गए।
शनिवार सुबह दीपमाला अस्पताल में सूरज की भी मौत हो गई। डाक्टरों का कहना हैं कि भगवान दास की भी हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस ने रामवीर और सूरज पाल के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं। उधर, एक साथ दो मौत की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन के साथ ही आबकारी की टीम भी मौके पर पहुंच गईं। आबकारी विभाग के अधिकारियों ने सभी दुकानों से शराब के सैंपल लिए हैं। पुरानी शराब की बिक्री पर फिलहाल रोक लगा दी गई है।
पुलिस का कहना हैं कि उन्होंने हरियाणा के पलवल में बनी उस शराब की जानकारी के लिए हरियाणा की पुलिस को सूचित कर दिया है। वहां की पुलिस उस शराब को बेचने वालों से भी पूछताछ करेगी। पुलिस के मुताबिक, बोतल पर लगे क्यूआर कोड को स्कैन किया गया तो पता चला कि वह 22 जून 2025 में बनाई गई है।
क्या कहते हैं जानकार?
वहीं, इस मामले में वरिष्ठ फिजिशियन डा. सुदीप सरन कहते हैं कि स्प्राइट में शराब मिलाकर पीने से किसी की मौत नहीं होती है। पीने के लिए एथाइल अल्कोहल का इस्तेमाल किया जाता है। कई बार गलत फर्मेंटेशन या मिश्रण की वजह से इथाइल अल्कोहल मिथाइल अल्कोहल में बदल जाता है, जो टाक्सिक होता है।
तीनों लोगों ने गांव में विजयपाल के ट्यूबवेल पर बैठकर शराब पी थी। उनमें से दो लोगों की मौत हो गई है। एक ही हालत अभी गंभीर बनी हुई है, पुलिस टीम ने भगवानदास के घर से हरियाणा के मस्ताना ब्रांड की देशी शराब की बोतल व मौके से मिली स्प्राइट की बोतल को जांच के लिए फाेरेंसिक भेज दिया है। मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है। -नितिन कुमार, सीओ आंवला।
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