बरेली, जेएनएन। दिल्ली हिंसा के आरोपी शाहरुख के पकडे़ जाने के बाद बरेली एक बार फि‍र चर्चाओं में आ गया है। बरेली में शाहरुख के छ‍िपे होने सहित दिल्ली के शाहीन बाग कनेक्शन को लेकर शहर पर अब सुरक्षा एजेंसि‍यों की नजर है। टेरर फंडिंग से लेकर नकली नोटों के नोटों के कारोबार तक के कई कनेक्शन एटीएस, एनआइए सहित अन्य एजेंस‍ियों को मिले है। इसके साथ ही तस्करी से जुडे़ कई मामलों में एजेंस‍ियों ने कई लोगों को पहले भी गिरफ्तार किया है। 

इन्होंने ली थी बरेली में पनाह 

चार महीने पहले लखनऊ में पहले कमलेश तिवारी हत्याकांड के आरोप‍ितों का कनेक्शन भी बरेली से मिला था। हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपित अशफाक व मोइनुद्दीन ने बरेली में आकर शरण ली थी। गुजरात के रहने वाले आरोपित, लखनऊ में हत्या कर बरेली आए और किसी को भनक भी नहीं लगी। जिसके बाद एटीएस ने इसकी पुष्टि करते हुए उनके मददगारों को यहां से गिरफ्तार किया था।

यह वजह भी अाई पुलिस के सामने 

शाहरुख के बरेली में होने की खास वजह सामने आई थी, वो यह थी कि शाहरुख के पिता साबिर राणा ड्रग्स तस्करी से जुड़ा है। बरेली के कई क्षेत्रों में भी स्मैक का बड़ा कारोबार होता है। जिसको लेकर संभावना व्यक्त की जा रही थी कि यहां शरण लेने के लिए शाहरुख के पिता ने बरेली के किसी ड्रग्स माफिया से संपर्क किया हो, जिसके यहां उसने शरण ले रखी हो। 

तस्करी को लेकर इन क्षेत्रों पर नजर 

फतेहगंज पश्चिमी कस्बे में ड्रग्स तस्करी होती है। धंतिया में भी इससे सबंधित कुछ मामले सामने आ चुके हैं। सोहा और अगरास गांव के युवक भी तस्करी करने के मामले में गिरफ्तार हो चुके है। उनसे इनपुट मिलने के बाद दिल्ली पुलिस फतेहगंज पश्चिमी और इन गांवों में कई दबिश दे चुकी है। फरीदपुर के बेहरा गांव में भी बड़े पैमाने पर स्मैक दिल्ली पहुंचाई जाती है। 

Edited By: Ravi Mishra