बरेली, जेएनएन। Badaun Police News : बदायूं में शनिवार को उस समय खाकी ने बेटे का फर्ज निभाया, जब एक बुजुर्ग की मौत होने के बाद उसके दोनों बेटे नहीं आए। पत्नी के साथ असहाय होकर जीवन व्यतीत कर रहे बुजुर्ग रामनाथ की अर्थी को जहां सीओ ने कंधा दिया। वहीं इंस्पेक्टर ने मुखाग्नि देकर उनका अंतिम संस्कार कर दिया।

बरेली के बिशारत गंज से बदायूं आए रामनाथ अपनी पत्नी शारदा के साथ पिछले 20 वर्षो से बदायूं में रह रहे थे।दो बेटे होने के बाद भी दंपती असहाय जीवन बिता रहे थे। दंपती बिल्सी के एक मंदिर के पास बनी झोपड़ी में रहकर गुजारा कर रहे थे। पुलिस ने उन्हें बांस बरौलिया के वृद्धाश्रम में पहुंचाया था, जहां रामनाथ ने शुक्रवार को दम तोड़ दिया था।रामनाथ के दोनों बेटे वर्तमान में कहां है इसकी किसी को कोई जानकारी नहीं है।

यह देख शनिवार को सुबह सीओ अनिरुद्ध सिंह शव के पास पहुंचे। जहां उन्होंने शव के अंतिम संस्कार की सारी तैयारियां करवाई।इसके बाद स्वयं कंधा देकर रामनाथ के शव को गंगा घाट ले कर पहुंचे। जहां उनकी हिंदू धर्म के अनुसार चिता सजाई गई। जिसके बाद अंतिम संस्कार की सारी रस्म अदा करते हुए इंस्पेक्टर विशाल प्रताप सिंह ने रामनाथ को मुखाग्नि दी।  

Edited By: Ravi Mishra