जागरण संवाददाता, बरेली : बदायूं के एक युवक ने गोवा की युवती से नाम बदलकर फेसबुक पर दोस्ती की। उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। इतना ही नहीं बीमारी का बहाना बनाकर उससे रुपये ऐंठता रहा। युवती जब उत्तर प्रदेश आई तब उसे पता चला कि युवक ने अपना नाम पर धर्म बदलकर दोस्ती की। उसके तीन बच्चे हैं। सच्चाई सामने आने पर युवती ने गोवा में युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। सोमवार को उसने आइजी डीके ठाकुर को फोन करके सारी बात बताई। आइजी ने युवती को इंसाफ दिलाने का आश्वासन दिया है।

गोवा की रहने वाली युवती ने बताया कि सितंबर 2015 में उसकी फेसबुक पर एक युवक से दोस्ती हुई। युवक ने अपना नाम साहिल शर्मा बताया। दिसंबर 2015 में युवती उससे मिलने उत्तर प्रदेश आ गई। बदायूं के इस्लामनगर का रहने वाला युवक उसे अपने घर न ले जाकर सम्भल में अपनी बहन के घर ले गया। तब उसे पता चला कि युवक का नाम साहिल शर्मा नहीं बल्कि नईम खान है। यहां युवती एक रात रुकी। युवक ने उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। बहन के ठहराने से इन्कार करने पर दूसरे दिन नईम युवती को इस्लामनगर में अपने घर ले आया। पत्‍‌नी को बताया कि युवती दूर की रिश्तेदार है। यहां पहुंचकर युवती को दूसरा झटका लगा। पता चला कि नईम तीन बच्चों का बाप भी है। उसने धोखा देने व पुलिस से शिकायत करने की बात कही। बकौल युवती, नईम ने उससे कहा कि उनके यहां दो-तीन शादियां हो जाती हैं। वह उससे गोवा आकर शादी करेगा। आठ महीने बाद नईम गोवा पहुंचा और शादी का झांसा देकर युवती से शारीरिक संबंध बनाता रहा। फिर यह कहकर चला आया कि कुछ दिनों में पूरी तैयारी से आएगा। बाद में वह बीमारी का बहाना बनाकर युवती से रुपये मंगवाता रहा। करीब 70 हजार रुपये व मोबाइल युवती ने उसे दिए। इसके बाद नईम ने मोबाइल बंद कर दिया। तब युवती ने गोवा में 13 अप्रैल 2018 को नईम के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया।

आइजी को सुनाया अपना दर्द

युवती ने सोमवार को आइजी डीके ठाकुर को फोन करके अपनी आपबीती सुनाई। बताया कि इस्लामनगर थाने के होमगार्ड ने खुद को पुलिस अधिकारी बताकर उससे सारी बात पता की फिर नईम को बता दी। थाने की कांस्टेबल दीपिका ने झूठी रिपोर्ट दे दी कि नईम वहां रहता ही नहीं है। वह उप्र से बाहर कहीं काम करता है। इस वजह से गोवा पुलिस नईम को गिरफ्तार नहीं कर पा रही है। आइजी ने पीड़िता को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया।

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