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    Bareilly News: जिले में परवान नहीं चढ़ पा रही पीएम स्वनिधि योजना, निरस्‍त किए गए 16 हजार आवेदन

    By Vivek BajpaiEdited By:
    Updated: Fri, 29 Apr 2022 11:34 AM (IST)

    शहर के स्ट्रीट वेंडरों को रोजगार के लिए पीएम स्वनिधि योजना के तहत बिना किसी गारंटी के दस हजार रुपये का लोन दिया जा रहा है। इसके लिए बीते कई दिनों से नगर निगम व डूडा के अफसर पीएम स्वनिधि के तहत जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं।

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    बिना किसी गारंटी के दस हजार रुपये का लोन दिया जा रहा है।

    बरेली, जेएनएन। कोरोना संक्रमण के दौरान हर जरूरतमंद को रोजगार से जोड़ने के लिए शुरु की गई पीएम स्वनिधि योजना का लाभ पाना टेड़ी खीर से कम नहीं है। बीते एक महीने में 16 हजार से अधिक लोगों का आवेदन निरस्त कर दिया गया। इनमें किसी का आधार से मोबाइल नंबर नहीं जुड़े होने तो किसी का सिविल स्कोर कम होना प्रमुख कारण बताया गया है। जबकि कुछ आवेदनकर्ता तो बैंक अफसरों के हीलाहवाली की वजह से योजना का लाभ लेने से मना कर दे रहे हैं।

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    शहर के स्ट्रीट वेंडरों को रोजगार के लिए पीएम स्वनिधि योजना के तहत बिना किसी गारंटी के दस हजार रुपये का लोन दिया जा रहा है। इसके लिए बीते कई दिनों से नगर निगम व डूडा के अफसर लगातार शहर के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर फल, सब्जी, लांड्री, सैलून, चाय-पान की दुकान चलाने वाले लोगों को पीएम स्वनिधि के तहत जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं। लेकिन इन सबके बीच 35 हजार से अधिक लोगों ने आवेदन कर दिया लेकिन 16 हजार लोगों के आवेदन निरस्त कर दिया गया। जिनमें किसी ने मोबाइल नंबर को आधार से नहीं जोड़ा है तो किसी का सिविल स्कोर कम है। इसके बाद डूडा के अफसरों द्वारा पीएम स्वनिधि योजना को किए जा रहे जागरुकता अभियान पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। अब तक 35 हजार से अधिक आवदेन में 18509 को इसका लाभ मिल चुका है। जबकि 806 लोगों का आवेदन वेटिंग में है।

    बैकों की हीलाहवाली से भी बढ़ रही परेशानी: अधिकतर रेहड़ी, फल, सैलून व चाय-पान दुकानदार दिन भर अपनी दुकान चलाकर शाम की रोटी का इंतजाम करते हैं। आवेदन करने के बाद जब वह बैंक में जाते हैं तो कई बार उन्हें कागजों व अन्य कई कारण बताकर खूब दौड़ाया जाता है। इससे वह निराश होकर योजना का लाभ लेने के प्रयास को बीच में ही छोड़ देते हैं।

    अपर नगर आयुक्‍त अजीत सिंह ने कहा कि पीएम स्वनिधि के जरिए अधिक से अधिक स्ट्रीट वेंडर को जोड़ा जा रहा है। जिनके आवेदनों में कमी है उन्हें मौका दिया जा रहा है।