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    नए सत्र से इंटर में 11 वीं और 12 वीं का होगा अलग कोर्स

    By Edited By:
    Updated: Thu, 31 Mar 2016 07:35 PM (IST)

    जागरण संवाददाता, बरेली: माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से पिछले साल इंटरमीडिएट में 11 वीं और 12 वीं

    जागरण संवाददाता, बरेली: माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से पिछले साल इंटरमीडिएट में 11 वीं और 12 वीं का कोर्स अलग करने की घोषणा शुक्रवार से शुरू हो रहे नए सत्र से लागू हो जाएगी। इससे छात्रों और शिक्षकों की दो साल का कोर्स बोर्ड परीक्षा के लिए तैयार करने की झंझट खत्म हो जाएगी। यूपी बोर्ड ने नया सिलेबस वेबसाइट पर अपलोड कर दिया है। खास बात है कि नए शैक्षिक सत्र में जो नए छात्र 11 वीं में दाखिले लेंगे वे ही अलग-अलग कोर्स पढ़ेंगे, पिछले साल जो छात्र दाखिले ले चुके हैं उन्हें पुराने कोर्स ही परीक्षा देनी होगी।

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    एक अप्रैल से शुरू होगा शैक्षिक सत्र

    पिछली बार की तरह इस साल भी शैक्षिक सत्र एक अप्रैल से शुरू होगा। परिषद ने 11वीं और 12वीं के सिलेबस में हिन्दी साहित्य और हिन्दी सामान्य को अनिवार्य विषय के रूप में रखा है। इसके साथ ही स्टूडेंट्स को स्वैच्छिक रूप से चार विषयों को चुनने की छूट दी है।

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    कला में 18 वैकल्पिक विषय

    कला वर्ग के विद्यार्थी हिन्दी के अलावा इतिहास, नागरिक शास्त्र, गणित, अर्थशास्त्र, संगीत गायन, चित्रकला, भूगोल, कम्प्यूटर, गृहविज्ञान, कम्प्यूटर, सैन्य विज्ञान, मानव विज्ञान, काष्ठ कला सैन्य विज्ञान समेत 18 विषयों में चार मनचाहे सब्जेक्ट चुन सकते हैं।

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    साइंस में सात सब्जेक्ट का विकल्प

    साइंस वर्ग के स्टूडेंट्स भौतिक विज्ञान, जीव विज्ञान, गणित, रसायन विज्ञान, कम्प्यूटर, मानव विज्ञान समेत सात सब्जेक्ट में अपने पंसदीदा विषय ले सकते हैं। वहीं कॉमर्स वर्ग के विद्यार्थी बहीखाता, व्यापारिक संगठन, अर्थशास्त्र, वाणिज्य भूगोल, औद्योगिक संगठन, कम्प्यूटर, बीमा सिद्धांत एवं व्यवहार में कोई चार विषय चुन सकते हैं।

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    अन्य खास बात

    कला वर्ग के विद्यार्थी एक विषय के रूप में कोई के अन्य भाषा जैसे कन्नड़, कश्मीरी, सिंधी, तमिल, गुजराती, पंजाबी, बंगला, मराठी, आसामी, उड़िया आदि भाषा को अपने सिलेबस में शामिल कर सकते हैं। इसके अलावा स्टूडेंट्स आधुनिक विदेशी भाषा अंग्रेजी, संस्कृत, पाली, अरबी और फारसी को वैकल्पिक विषय के रूप में चुन सकते हैं। वहीं स्टूडेंट्स समाज शास्त्र, मानव विज्ञान, संगीत गायन और वादन, सैन्य विज्ञान, शिक्षा शास्त्र, रंजनकला, जीव विज्ञान, बहीखाता, लेखा शास्त्र, औद्योगिक संगठन, अर्थशास्त्र, भूगोल, मैथ, साइंस, बीमा, सहकारिता, टंकण, हिन्दी एवं अंग्रेजी, इम्ब्राइडरी, हैंड ब्लॉक प्रिटिंग, मेटल क्राफ्ट, कम्प्यूटर, सुरक्षा, मोबाइल रिपेय¨रग, टूरिज्म एवं हॉस्पिटलिटी, आईटी और आईटीईएस समेत 99 विषयों में सब्जेक्ट सलेक्ट कर सकते है। इसके साथ ही परिषद ने बाध्यता रखी है कि कोई भी स्टूडेंट्स दो भाषा से अधिक से अधिक नहीं ले सकता है।

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    इंटरमीडिएट में 11 वीं और 12 वीं के कोर्स अलग होने से शिक्षक को पढ़ाने में और छात्रों को तैयारी करने में आसानी होगी। यह बेहतर कदम है। एक अप्रैल को नए सत्र से नए विद्यार्थियों नई व्यवस्था का लाभ उठाएंगे।

    सुरेश बाबू मिश्र, अध्यक्ष, राजकीय शिक्षक संघ