..तो कांशीराम के नाम से आवंटित होंगे शहरी गरीब आवास
-बसपा सरकार की कांशीराम शहरी आवास योजना का नाम बदलना चाहती थी सपा सरकार -भाजपा स
-बसपा सरकार की कांशीराम शहरी आवास योजना का नाम बदलना चाहती थी सपा सरकार
-भाजपा सरकार में होगा अब आवंटन, एसडीएम ने शुरू कराया सर्वे
संवादसूत्र, बाराबंकी : बसपा सरकार में संचालित हुई कांशीराम गरीब शहरी आवास योजना के जो आवास सपा सरकार में बनकर तैयार हुए उनका आवंटन योजना का नाम बदलकर किए जाने की बात सपा सरकार में सुर्खियों में रही पर अब भाजपा सरकार में योजना का नाम नहीं बदलेगा। कांशीराम के नाम से ही आवासों का आवंटन होगा। प्रशासन ने आवंटन के दृष्टिगत सर्वे कार्य शुरू करा दिया है। दो साल पहले नागरिकों से मांगे गए आवेदन पत्रों पर हुई जांच रिपोर्ट भी खंगाली जा रही है। आवंटन के दृष्टिगत किए अधिकारियों ने जो पत्राचार किया है उसमें कांशीराम का आवासों के आवंटन की ही बात कही गई है। ऐसे में यह भ्रम दूर हो गया है कि योजना का नाम बदलकर आवंटन होगा।
आवासों पर है अवैध कब्जा : शहर के मुहल्ला अभय नगर में 480 आवास सपा सरकार में ही बनकर तैयार हो गए थे पर योजना का नाम बदलने की चर्चा के चलते सपा सरकार भी चली गई और आवंटन नहीं हो सका। ऐसे में रसूखदार लोगों ने अपने जान-पहचान वालों का आवासों में कब्जा करवा दिया। लगभग सभी आवासों में कब्जा हो चुका है जिसे मुक्त कराकर आवंटन की प्रक्रिया एसडीएम सुशील प्रताप ¨सह ने शुरू कराई है।
पहले आवंटियों का भी होगा सत्यापन : एसडीएम ने एक हफ्ते पहले कालोनी में नोटिस देकर आवास खाली करने की चेतावनी दी थी पर किसी ने एक भी नहीं सुनी। ऐसे में अभयनगर ही नहीं बल्कि जिन कालोनियों में आवासों का आवंटन हुआ था उनका भी सर्वे शुरू कराया गया है। आवंटी यदि सर्वे के दौरान रहते हुए नहीं पाए जाएंगे तो उनका आवंटन निरस्त कर दिया जाएगा। सर्वे टीम में लेखपाल आनंद प्रकाश, कैलाश बहादुर, हृदयराम व पीएन तिवारी शामिल हैं। एसडीएम ने तहसील के रजिस्ट्रार कानून गो गौरीशंकर व हंसराज को आवास आवंटन संबंधी पटल का प्रभार दिया है।
अवैध कब्जेदारों पर नहीं होगा विचार : एसडीएम का कहना है कि बस स्टेशन के निकट ओबरी, गुलरियागार्दा, हजाराबाग व मालगोदाम रोड पर पहले से कांशीराम आवास आवंटित हैं। उनका सर्वे इसलिए कराया जा रहा है कि यदि वास्तविक आवंटी नहीं है तो उसकी जगह दूसरे जरूरतमंद को आवास दिया जा सके। अभयन नगर की कालोनी में आवास के लिए पहले से जिन लोगों ने आवेदन कर रखा है उन पर विचार किया जाएगा। जरूरत पढ़ने पर नए आवेदन पत्र आमंत्रित किए जाएंगे। अवैध रूप से रह रहे लोगों का आवंटन में कोई दावा नहीं बनता है। जो लोग आवंटन से पहले आवास नहीं छोड़ेंगे उन्हें अतिक्रमणकारी मानते हुए कार्रवाई की जाएगी। उन्हें आवास आवंटित करने पर विचार नहीं किया जाएगा।
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