यूपी में SIR से ठप हो गई मनरेगा की रफ्तार, जिले की 804 ग्राम पंचायत में काम बंद
उत्तर प्रदेश में एसआईआर के चलते मनरेगा की रफ्तार धीमी हो गई है। बाराबंकी जिले में SIR के कारण 804 ग्राम पंचायतों में मनरेगा का काम बंद हो गया है, जिससे मजदूरों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों को रोजगार मिलने में कठिनाई हो रही है।

यूपी में SIR से ठप हो गई मनरेगा की रफ्तार।
संवाद सूत्र, बाराबंकी। रोजगार सेवक, तकनीकी सहायक, अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी सहित तमाम मनरेगा कर्मचारी महत्वपूर्ण अभियान एसआइआर में लगे हैं। मनरेगा की रफ्तार पर ब्रेक लग चुका है, चंद ग्राम पंचायतों में काम सिमट कर रह गया है। कारण हजारों लोगों को गांवों में काम मिलना बंद हो चुका है, वे अब बेरोजगार हैं। अयोध्या मंडल के 2948 ग्राम पंचायतों में काम ठप है।
जिले में 1155 ग्राम पंचायत हैं, जिसमें से 804 गांव में मनरेगा के तहत हो रहे विकास कार्य ठप हो चुके हैं, जिससे करीब 34 हजार लोगों को काम मिलना बंद हो गया। महज 351 ही पंचायतों में काम चल रहा है।
यह इसलिए है कि कई जगह रोजगार सेवक बीएलओ के साथ लगे हैं तो बहुत से बूथों पर स्वयं बीएलओ का प्रभार है। एक माह से श्रमिक इधर-उधर भटक रहे हैं। इसके कारण ग्राम पंचायत की लगभग डेढ़ हजार परियोजनाओं पर ब्रेक लग चुका है।
काम बंद होने का एक यह भी कारण
मनरेगा में लगभग 140 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, जबकि अगस्त 2024 से लेकर अब तक 38 करोड़ रुपये बाकी भी हो गया है। ग्राम प्रधान, रोजगार सेवक और सचिवों ने अब तक उधार लेकर वेंडरों से सामान लिया और श्रमिकों से काम कराया, लेकिन अब उधारी अधिक होने के कारण काम बंद होते जा रहे हैं।
- विकास खंड-15
- ग्राम पंचायतें-1155
- जाबकार्डों की संख्या-3,53,237
- सक्रिय जॉबकार्ड-2,07,189
- 2023 में सृजित मानव दिवस-54.87 लाख
- 2024 में मानव दिवस-60 लाख
- 2025 में मानव दिवस अब तक-36.97 लाख
जिलों में ग्राम पंचायतों और बंद कार्यों का विवरण
| जिले का नाम | ग्राम पंचायतों की संख्या | इन ग्राम पंचायतों में बंद कार्यों की संख्या |
|---|---|---|
| बाराबंकी | 1155 | 804 |
| अंबेडकरनगर | 899 | 688 |
| अमेठी | 682 | 433 |
| अयोध्या | 783 | 377 |
| सुलतानपुर | 982 | 646 |
| कुल | 2948 ग्राम पंचायतें | - |
क्या कहते हैं अधिकारी
जिले में अप्रैल से लेकर अब तक 36 लाख 97 हजार मानव दिवस सृजित किए गए हैं, जिसमें तालाब खोदाई, चकमार्ग की पटाई, अमृत सरोवर का निर्माण, नाला-नाली का निर्माण, चकबंध बनाने और पौधारोपण, स्कूलों की बाउंड्रीवाल, आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण, इंटरलॉकिंग, गोशाला और समतलीकरण जैसे कार्य हुए हैं। इन कार्यों में 93 हजार 257 लोगों को काम मिला है। एसआइआर में मनरेगा कर्मचारियों की ड्यूटी लगी है। कुछ जगहों पर कार्य प्रभावित है। -ब्रजेश कुमार त्रिपाठी, डिप्टी कमिश्नर, बाराबंकी।

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