Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    Mukhtar Ansari: मुख्तार की डेथ रिपोर्ट को वरिष्ठ जेल अधीक्षक ने किया प्रमाणित, कोर्ट ने साक्षी के रूप में किया था तलब

    Updated: Sat, 20 Apr 2024 09:20 PM (IST)

    शासकीय अधिवक्ता मथुरा प्रसाद वर्मा ने बताया कि अदालत को मुख्तार अंसारी की मृत्यु से जुड़े अभिलेख बांदा जेल से उपलब्ध करवाए गए थे जिनमें मुख्तार अंसारी की मौत हृदय गति रुकने से होने की बात कही गई थी। अदालत ने उन प्रपत्रों को साबित करने के लिए बांदा जेल के वरिष्ठ अधीक्षक को कोर्ट ने साक्षी के रूप में तलब किया था।

    Hero Image
    मुख्तार की डेथ रिपोर्ट को वरिष्ठ जेल अधीक्षक ने किया प्रमाणित

    संवाद सूत्र, बाराबंकी। मुख्तार अंसारी की मौत से संबंधित प्रपत्रों को वरिष्ठ जेल अधीक्षक बांदा ने शनिवार को अदालत पर प्रमाणित किया। मुख्तार अंसारी गैंगस्टर मामले में अपर सत्र न्यायाधीश एमपीएमएलए कोर्ट कमलकांत श्रीवास्तव ने वरिष्ठ जेल अधीक्षक को साक्षी के रूप में तलब किया था।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    शासकीय अधिवक्ता मथुरा प्रसाद वर्मा ने बताया कि अदालत को मुख्तार अंसारी की मृत्यु से जुड़े अभिलेख बांदा जेल से उपलब्ध करवाए गए थे, जिनमें मुख्तार अंसारी की मौत हृदय गति रुकने से होने की बात कही गई थी। अदालत ने उन प्रपत्रों को साबित करने के लिए बांदा जेल के वरिष्ठ अधीक्षक को कोर्ट ने साक्षी के रूप में तलब किया था। वरिष्ठ जेल अधीक्षक वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए अदालत पर पेश हुए।

    उन्होंने मुख्तार की मौत से जुड़े प्रपत्रों को साबित करते हुए बताया कि उक्त प्रपत्र बांदा के सरकारी अस्पताल द्वारा जेल को उपलब्ध करवाए गए थे। अदालत में जज ने उनके बयान को लेखबद्ध किया। इसके बाद में मुख्तार के अधिवक्ता रणधीर सिंह सुमन ने वरिष्ठ जेल अधीक्षक से जिरह भी की।

    सह अभियुक्त शुएब मुजाहिद, मोहम्मद सलीम न्यायालय पर उपस्थित हुए जबकि जफर उर्फ चंदा संत कबीर नगर व अफरोज उर्फ चुन्नू गाजीपुर जेल से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए। सुनवाई की अगली तिथि 26 अप्रैल नियत की है।

    यह भी पढ़ें-  सीएम योगी ने बोर्ड परीक्षाओं में उत्तीर्ण छात्रों को दी बधाई; परिश्रम, लगन और धैर्य बनाए रखने के लिए किया प्रेरित