Barabanki News: पराली से बनेगी बिजली, लगेंगे जैव ऊर्जा नीति के तहत कंप्रेस्ड बायोगैस के छह प्लांट
जैव ऊर्जा नीति के तहत कंप्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) संयंत्र स्थापित किए जाएंगे। एक प्लांट पर करीब डेढ़ से दो करोड़ रुपये की लागत आएगी। इस प्लांट में प्रतिदिन तीन से चार मेगावाट बिजली बनेगी। बिजली बनने से पराली जलाने की नौबत किसानों के सामने नहीं आएगी और पराली भी बिकेगी।

बाराबंकी, जागरण संवाददाता। अब पराली किसान और पर्यावरण के लिए परेशानी नहीं बन पाएगी। इसका हल निकाल लिया गया है, जिले में छह प्लांट लगाए जाएंगे। पराली के साथ ही गेहूं व अन्य फसल के अवशेष, चीनी मिल से निकले कचरे, खरपतवार से बिजली उत्पादन किया जाएगा। प्लांट लगाने वालों को सरकार 80 प्रतिशत का अनुदान देगी।
जैव ऊर्जा नीति के तहत कंप्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) संयंत्र स्थापित किए जाएंगे। एक प्लांट पर करीब डेढ़ से दो करोड़ रुपये की लागत आएगी। इस प्लांट में प्रतिदिन तीन से चार मेगावाट बिजली बनेगी। बिजली बनने से पराली जलाने की नौबत किसानों के सामने नहीं आएगी और पराली भी बिकेगी।
नगर से निकले कूड़े, पशुधन, कृषि अपशिष्ट, चीनी मिल से निकलने वाला कचरे का इस्तेमाल बिजली बनाने में किया जाएगा। प्लांट लगाने वाले उद्यमी को राज्य सरकार से 30 और केंद्र सरकार से 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा।
सरकार बना कर देगी सड़क
यदि कोई सीबीजी पर 50 करोड़ से अधिक का निवेश करता है तो प्लांट तक करीब साढ़े पांच मीटर की सड़क बनाकर सरकार देगी। इस नीति के तहत कंप्रेस्ड बायोगैस उत्पादन पर 75 लाख रुपये प्रति टन से अधिकतम 20 करोड़ रुपये तक की दर से सब्सिडी दी जाएगी।
पराली उपलब्ध कराएगी यह टीम
शासन स्तर पर छह सदस्यीय कमेटी गठित कर दी गई है। जिले में जिलाधिकारी अध्यक्ष रहेंगे। मुख्य विकास अधिकारी सदस्य, जिला विपणन अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला कृषि अधिकारी सदस्य रहेंगे। उपकृषिक निदेशक सचिव बनाए गए हैं। यह टीम प्लांट को पराली मुहैया कराएगी।
किसानों को फसलों के अवशेष का भी दाम मिलेगा। कृषि विभाग की ओर से बायोमास संग्रहण के लिए प्रत्येक विकासखंड में एक फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी का गठन कर प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इन्होंने कहा
जैव ऊर्जा नीति के तहत अब प्रत्येक तहसील स्तर पर एक-एक कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट लगाए जाना है। इच्छुक व्यक्ति प्लांट लगा सकते हैं, इसके एवज में सरकार 80 प्रतिशत का अनुदान देगी। जो बिजली बनेगी, उसे बिजली विभाग साढ़े चार रुपये प्रति यूनिट की दर से खरीदेगा।
-टीकाराम, परियोजना अधिकारी, नेडा।
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