बाराबंकी में रेलवे अंडरपास का अधूरा काम, ग्रामीणों के लिए बना जी का जंजाल; पुराना रास्ता बंद होने से फूटा गुस्सा
सफेदाबाद के परेठिया गांव में रेलवे अंडरपास का काम अधूरा होने से पहले ही ठेकेदार ने ग्रामीणों का पुराना रास्ता ...और पढ़ें

संवाद सूत्र जागरण, सफेदाबाद (बाराबंकी)। सफेदाबाद रेलवे स्टेशन के पास गांव परेठया में अंडरपास का निर्माण पूरा होने से पहले ही ठेकेदार ने ग्रामीणों के पुराने वैकल्पिक रास्ते को बंद कर दिया है, जिससे ग्रामीणों में गुस्सा है। इससे स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को आने जाने में परेशानी उठानी पड़ रही है। सुरक्षित रास्ता न मिलने से ग्रामीणों को गिट्टी और पत्थरों से भरे ऊबड़-खाबड़ रास्ते से गुजरना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि जिस रास्ते का इस्तेमाल वे पिछले कई दशकों से कर रहे थे, उसे अचानक बंद कर दिया गया। जबकि अंडरपास का निर्माण अभी पूरा नहीं हुआ है। गांव से बाहर निकलने और वापस आने के लिए लोगों को जोखिम भरे रास्ते से आना पड़ रहा है।
रात में लाइन न होने से दुर्घटना की आशंका बनी है। दोपहिया और चारपहिया वाहनों को गांव के बाहर खड़ा करने को मजबूर हैं, जिससे चोरी और तोड़फोड़ की आशंका बनी रहती है।
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मनोज, संजय, राहुल, श्याम और आशीष समेत अन्य ग्रामीणों का कहना है कि रेलवे को पुराना रास्ता बंद करने से पहले आवागमन की वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए थी। समस्या से रेलवे के डिवीजनल इंजीनियर परविंदर सिंह को भी अवगत कराया, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं हुआ। ग्रामीणों ने सांसद तनुज पुनिया से मांग की है कि रेलवे के संबंधित अधिकारियों से वार्ता कर समस्या का समाधान कराएं।