सतरिख (बाराबंकी), 8 मई (जाका): कस्बा स्थित सैयद सालार साहू गाजी रहमतुल्ला अलैह बूढ़े का वार्षिक पांच दिवसीय मेला नौ मई से शुरू होगा। मेले में विविध रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। जायरीन का आवागमन प्रारंभ हो गया है।

मेले के मद्देनजर बूढ़े बाबा की दरगाह को बिजली की रोशनी से दुल्हन की तरह भव्य सजाया संवारा गया है। नौ से 13 मई तक चलने वाले मेला में दुकानदार अपनी दुकानें लगाकर सजा चुके हैं। सैकड़ों वर्ष पूर्व से लगते चले आ रहे वार्षिक मेला का अपना अलग महत्व है। इसमें बहराइच, गोंडा, फैजाबाद, अंबेडकरनगर, सीतापुर, लखीमपुर खीरी, लखनऊ, कानपुर सहित अन्य दूरदराज के जिलों से जायरीन आकर बूढ़े बाबा की मजार पर चादर-गागर पेश कर खुद की तरक्की और मुल्क में अमन-चैन की दुआएं करते हैं। मीलों कोस दूर पैदल चलकर वृद्ध बच्चे निशान कंधे पर रखकर चढ़ाने आते हैं। इसमें ऐसे जायरीन होते हैं जिनकी मनौती पूर्ण हो चुकी बताई जाती है।

जिला प्रशासन की सख्ती के बाद स्वास्थ्य विभाग सहित कई अन्य विभाग मेले को लेकर सक्रिय हो उठे हैं। विद्युत विभाग जायरीन की सुविधा के लिए मेला तक निर्बाध विद्युत आपूर्ति देगा।

दरगाह कमेटी के सचिव चौधरी कलीमुद्दीन उस्मानी ने बताया कि मेले से संबंधित सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। बिजली विभाग को निर्बाध आपूर्ति का आदेश मिल चुका है।

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