सतरिख (बाराबंकी): कस्बा स्थित सैयद सालार साहू गाजी रहमतुल्ला अलैह बूढ़े बाबा की याद में दरगाह पर पांच दिवसीय वार्षिक उर्स 17 मई से शुरू होगा। कमेटी ने पेयजल और साफ-सफाई व्यवस्था दुरुस्त कराकर तैयारियां पूरी कर ली हैं।

उर्स में भारी भीड़ जुटने की संभावना है। इस अवसर पर विविध रंगारंग व सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। रूपरेखा तय कर दी गई है।

बूढ़े बाबा की दरगाह पर प्रत्येक वर्ष जेठ के दिनों में बड़े मंगल के बाद पड़ने वाले शनिवार को कुल मनाया जाता है। इस कुल में जिले के अलावा अन्य दूर-दराज के स्थानों से बड़ी तादाद में जायरीन आते हैं। मान्यता है कि कुल में चादर चढ़ाने से दुआएं कुबूल होती हैं। दरगाह कमेटी के सचिव चौधरी कलीमुद्दीन उस्मानी का कहना है कि पांच दिवसीय उर्स मेला में कुल के दिन अपार भीड़ जुटती है। जायरीन में प्रसाद स्वरूप चने की दाल और रोटी का वितरण किया जाता है। उर्स में आने वाले जायरीन के लिए नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर भी लगाया जाएगा।

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