ब्लैकमेलिंग रैकेट पर्दाफाश में पुलिस को किसका इंतजार
उसके पहले पांच पन्ने का लिखा

ब्लैकमेलिंग रैकेट पर्दाफाश में पुलिस को किसका इंतजार
जागरण संवाददाता, बांदा ः आपत्तिजनक वीडियो बनाकर बड़े लोगों को ब्लैकमेल करने वाले गिरोह के पर्दाफाश में पुलिस असमंजस में नजर आ रही है। रविवार को प्रतिष्ठित सराफा व्यवसायी शैलेश जड़िया ने फंदे से लटक खुदकुशी कर ली थी। उसके पहले पांच पन्ने का लिखा सुसाइड नोट पुलिस ने बरामद किया। उसमें व्यापारिक लेनदेन के साथ ब्लैकमेल कर वसूले गई रकम और आरोपितों के नाम भी लिखे। साथ ही कुछ उन लोगों के भी नाम हैं, जो गिरोह के चंगुल में फंसकर शिकार हुए। इतने दिन बीतने के बाद भी पुलिस अभी तक पूरे गिरोह का पर्दाफाश करने में असमंजस में झूलती नजर आ रही है।
मढ़ियानाका निवासी सराफा व्यवसायी शैलेश के भाई इंद्रेश जड़िया की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज की गई। उन्होंने सुसंगठित गिरोह चलाने की आशंका भी जाहिर की। पांच पन्ने के सुसाइड नोट में एफआइआर और आपत्तिजनक वीडियो स्वजन के हवाले करने की धमकी देकर लाखों वसूले जाने की सिलसिलेवार जानकारी दी गई है। इतना बड़ा कदम उठाने वाला गलत बात नहीं लिखेगा, यही माना जा सकता है। सुसाइड नोट में कुछ लोगों के नाम भी लिखे हैं, जो गिरोह के चंगुल में फंसे थे। पुलिस सूत्रों की मानें तो जो नाम दिए गए हैं, उनमें कुछ लोगों से जानकारी ली गई तो वह इन्कार कर रहे हैं। जाहिर है कि बिना किसी गलत काम के आपत्तिजनक वीडियो नहीं बन सकते हैं। समाज और परिवार के बीच शर्मिंदा होने से बचने के लिए ही गिरफ्त में आए लोगों ने ब्लैकमेल होना मंजूर किया होगा। अब वह कैसे इसे स्वीकार कर सकते हैं। गिरोह की कसी गिरफ्त का अंदाजा इसी से लगता है कि एक प्रतिष्ठित व्यवसायी ने जान देना कबूल किया लेकिन रुसवा होना नहीं। हां, उसने जीवन की डोर तोड़ने से पहले अपनी बेबसी और ब्लैकमेलरों की पूरा कच्चा चिट्ठा जरूर खोल दिया। उसके बावजूद पुलिस अभी तक कुछ भी सार्वजनिक करने से बच रही है। शुरुआती दौर में दोनों आरोपित प्रेमी-प्रेमिका को हिरासत में लेने की बात कहने वाली पुलिस अब कुछ भी साफ बोलने से बच रही है। इंस्पेक्टर राजेंद्र सिंह राजावत यह जरूर कहते हैं कि गहराई से जांच की जा रही है, जल्द पर्दाफाश किया जाएगा।

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