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    उत्तर प्रदेश के पर्यटन को बढ़ावा, कालिंजर दुर्ग व इन चार धार्मिक स्थलों पर दिखेगा बड़ा बदलाव

    नरैनी विधायक द्वारा कालिंजर दुर्ग के प्रवेश शुल्क में छूट और चार धार्मिक स्थलों को जोड़ने वाली सड़कों के चौड़ीकरण का प्रस्ताव मुख्यमंत्री को दिया गया था जिसे 15 करोड़ की स्वीकृति मिली है। कालिंजर दुर्ग मार्ग को पांच मीटर चौड़ा किया जाएगा। अन्य धार्मिक स्थलों के मार्गों का भी चौड़ीकरण होगा। पर्यटकों और श्रद्धालुओं को आवागमन में सुविधा मिलेगी।

    By balram singh Edited By: Anurag Shukla1Updated: Sun, 17 Aug 2025 05:56 PM (IST)
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    बांदा के कालिंजर दुर्ग में घूमते सैलानी। जागरण

    जागरण संवाददाता, बांदा। नरैनी क्षेत्र के कालिंजर स्थित ऐतिहासिक स्थल में लगने वाले प्रवेश शुल्क में छूट देने व कालिंजर सहित चार धार्मिक स्थलों को जोड़ने वाली प्रमुख सड़कों के चौड़ीकरण को लेकर नरैनी विधायक ने हाल ही में मुख्यमंत्री से मिलकर कार्यों के प्रस्ताव सौंपे थे। इसके लिए शासन से 15 करोड़ रुपये का प्रस्ताव दिया था, जिसे स्वीकृति मिल गई है।

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    कालिंजर दुर्ग के लिए जाने वाली मार्ग को पांच मीटर चौड़ा कर इसे सुगम बनाया जाएगा। इसके अलावा यहां के कबीर मठ, खेरापति व दाता साईं कुटी मार्गों को भी चौड़ाकर मरम्मतीकरण किया जाएगा। हालांकि अभी प्रवेश शुक्ल में छूट देने को लेकर कोई शासनादेश जारी नहीं हुआ है।

    हाल ही में नरैनी विधायक ओममणि वर्मा ने अपने क्षेत्र के विकास को लेकर मुख्यमंत्री को प्रमुख कार्यों के प्रस्ताव सौंपे थे। जिसमें से कालिंजर दुर्ग के लिए जाने वाली मार्ग का चौड़ीकरण किया जाना है। अभी यह सड़क सिंगल लेन यानी तीन मीटर चौड़ी बनी हैं। अब जल्द ही यह सड़क पांच मीटर चौड़ी की जाएगी।

    दरअसल यह पौराणिक व ऐतिहासिक महत्व के कालिंजर दुर्ग में वर्ष भर देशी व विदेशी सैलानियों का आना जाना बना रहता है। साथ ही स्थित नीलकंठेश्वर भगवान के दर्शन के लिए भी श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती रहती है। लिहाजा आने जाने में सिंगल लेन सड़क में समस्या होती है। हादसों का भय भी बना रहता है। सड़क चौड़ी होने से समस्या का समाधान हो सकेगा।

    वहीं यहां कालिंजर दुर्ग में स्थापित भगवान नीलकंठ के दर्शन को सावन, कार्तिक पूर्णिमा, महाशिवरात्रि सहित अन्य धार्मिक पर्वों पर भक्तों की भीड़ उमड़ती है। अभी कालिंजर में नीचे से दुर्ग तक पहुंचने के लिए महज तीन मीटर चौड़ी सड़क बनी है। अधिक ऊंचाई होने की वजह से वाहनों के ओवरटेक व क्रासिंग में अक्सर हादसे का भय बना रहता है।

    विधायक ओममणि वर्मा ने प्रस्ताव में तीन मीटर के मार्ग को पांच मीटर किए जाने का जिक्र किया था। जिससे आवागमन सुगम हो सके। वहीं नरैनी विधानसभा के गौर शिवपुर गांव स्थित दातासाईं कुटी, नौगवां कुलसारी के कबीर मठ आश्रम व लमेहटा के मजरा शिवगांव में खेरापति का स्थल है, जहां सैकड़ों श्रद्धालुओं को जर्जर व खस्ताहाल सड़कों से आवागमन करना पड़ता है।

    इन चारों धार्मिक स्थलों के लिए चौड़ी व मरम्मतीकरण के लिए 15 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिल गई है। वहीं कालिंजर के ऐतिहासिक व पौराणिक दुर्ग में अभी भक्तों से 25 रुपये प्रवेश शुल्क लिया जा रहा है। नरैनी विधायक ओममणि वर्मा का कहना है कि मुख्यमंत्री को कार्यों के प्रस्ताव दिए थे। कार्यों की स्वीकृति मिली है। उम्मीद है कि जल्द ही त्योहारों में श्रद्धालुओं के प्रवेश शुल्क में छूट मिलेगी।