विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 24, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मौरंग कारोबारी ने रोक दी केन नदी की जलधारा, बनाया पुल

By JagranEdited By:
Published: Thu, 24 Mar 2022 05:10 PM (IST)

जागरण संवाददाता बांदा पैलानी क्षेत्र के खप्टिहाकला मौरंग खदान में एनजीटी नियमों की खुलेआम

मौरंग कारोबारी ने रोक दी केन नदी की जलधारा, बनाया पुल
मौरंग कारोबारी ने रोक दी केन नदी की जलधारा, बनाया पुल

जागरण संवाददाता, बांदा : पैलानी क्षेत्र के खप्टिहाकला मौरंग खदान में एनजीटी नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। मौरंग ठेकेदारों ने केन नदी की जलधारा ही रोक दी। अस्थायी पुल बनाकर ओवरलोड ट्रक निकाले जा रहे हैं। जिला पंचायत सदस्य ने मामले की शिकायत उच्चाधिकारियों से की है। साथ ही तत्काल इस पर कार्रवाई अमल में लाने का अनुरोध किया है।

जनपद में इस समय करीब 13 मौरंग खदाने संचालित हैं। जिला प्रशासन और खनिज विभाग ने माह भर से इन खदानों की तरफ झांकना तक मुनासिब नहीं समझा। इससे मौरंग माफिया एनजीटी नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए रातों दिन अवैध खनन में जुटे हैं। इसकी बानगी खप्टिहाकलां खंड 100/3 में देखी जा सकती है। खनिज विभाग ने मेसर्स जेए इंटरप्राइजेज को यहां खनिज पट्टा आवंटित किया है। ठेकेदार पट्टा सीमा क्षेत्र से हटकर यहां मनमानी खनन करा रहे हैं। यहां तक कि केन नदी की जलधारा भी रोक दी है। जिला पंचायत सदस्य माया देवी ने गुरुवार को उप जिलाधिकारी पैलानी सुरभि शर्मा को ज्ञापन दिया है। उन्होंने कहा कि बालू ठेकेदार विनय कुमार सिंह, बलविदर सिंह और नंदलाल राय से नदी की जलधारा प्रभावित करने पर विरोध किया, लेकिन उन्होंने एक नहीं सुनी। खप्टिहाकला खदान की जांच कर माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। अन्यथा केन नदी की जलधारा से खिलवाड़ किए जाने से भीषण पेयजल संकट उत्पन्न हो सकता है। उधर, इस संबंध में जिला खनिज अधिकारी सौरभ गुप्ता ने अनभिज्ञता जताई। कहा कि मौके पर जांच करेंगे।