Published: Wed, 10 Sep 2025 07:07 PM (GMT+05:30)
बांदा में जननी सुरक्षा योजनाओं के बावजूद एक नाबालिग प्रसूता की घर पर प्रसव के बाद मृत्यु हो गई। परिजनों ...और पढ़ें
जागरण संवाददाता, बांदा । जननी सुरक्षा के लिए सरकार जहां हर साल लाखों रुपये पानी की तरह खर्च कर रही है वहीं अभी भी प्रसूताओं की मौत होना नहीं बंद हुई। घर पर नाबालिग प्रसूता का प्रसव कराने से उसकी हालत अचानक बिगड़ गई ।
बाद में उसने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। घटना को लेकर मायके से स्वजन ने दामाद पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उसने पिछले वर्ष प्रेम विवाह किया था। मामला कालिंजर थाना क्षेत्र के एक गांव का है। वहां की 17 वर्षीय किशोरी प्रेम विवाह के बाद गर्भवती थी और सात माह से अपनी नानी घर इसी क्षेत्र के एक गांव में रह रही थी।
मंगलवार की सुबह उसे प्रसव पीड़ा हुई और घर पर ही उसने बच्चे को जन्म दिया। लेकिन प्रसव के तुरंत बाद ही उसकी हालत खराब होने लगी। बताया गया कि उसे तेज झटके आने लगे और अधिक रक्तस्राव हो गया। हालत बिगड़ने पर परिजन तत्काल उसे लेकर रानी दुर्गावती मेडिकल कालेज पहुंचे, जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
दामाद पर लगाए गंभीर आरोप
प्रसूता की मौत की खबर से स्वजन बेहाल हैं। डाक्टरों ने शव को मर्चरी हाउस में रखवा दिया और बुधवार को सूचना पाकर पुलिस ने घटना के संबंध में स्वजन से पूछताछ की। दिवंगत की सतना मध्य प्रदेश के एक गांव निवासी मां ने दामाद पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि बेटी ने पिछले वर्ष प्रेम विवाह किया था और गर्भवती होने के बाद नानी के घर रह रही थी।
दामाद ने कभी उसकी देखभाल नहीं की। यहां तक कि हालत बिगड़ने पर भी वह अस्पताल नहीं आया। कई बार फोन करने के बावजूद उसने बात नहीं की। मां का यह भी आरोप है कि दामाद की लापरवाही के चलते ही उसकी बेटी की मौत हुई है। कालिंजर थाना प्रभारी दीपेंद्र सिंह ने बताया कि स्वजन की ओर से तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा।