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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 25, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

ओम प्रकाश राजभर ने कहा-बाटी-चोखा, कच्चा वोट', 'दारू-मुर्गा, पक्का वोट'

By Dharmendra PandeyEdited By:
Published: Mon, 25 Dec 2017 04:08 PM (IST)Updated: Tue, 26 Dec 2017 09:58 AM (IST)

ओम प्रकाश राजभर कहा कि गरीब नेतानगरी के हथकंडों को समझाने लगे। उन्होंने कहा कि सारे गरीब दारू पीते हैं, मुर्गा खाने के बाद वोट देते हैं।

ओम प्रकाश राजभर ने कहा-बाटी-चोखा, कच्चा वोट', 'दारू-मुर्गा, पक्का वोट'
ओम प्रकाश राजभर ने कहा-बाटी-चोखा, कच्चा वोट', 'दारू-मुर्गा, पक्का वोट'

बलरामपुर (जेएनएन)। सीएम योगी आदित्यनाथ के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर एक बार फिर अपने बयान को लेकर चर्चा में हैं। कल बलरामपुर के सादुल्लाहनगर ने एक बार फिर उन्होंने बच्चों को स्कूल न भेजने वालों अभिभावकों को जेल भेजने के अपने बयान को दोहराया। इसके साथ ही नेताओं को भी कठघरे में खड़ा कर दिया। 

 

पिछड़ा वर्ग तथा दिव्यांग कल्याण मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि  प्रदेश सरकार शिक्षा को लेकर काफी सजग है। प्रदेश कें बच्चों को नि:शुल्क जूता-मोजा व स्वेटर दिए जा रहे हैं। फिर भी स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति शत-प्रतिशत नहीं है। जो अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल, कॉलेज नहीं भेजेंगे, उन्हें जेल भेजा जाएगा। यह कानून अप्रैल से लागू कर दिया जाएगा।

 

भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने को स्नातक तक छात्राओं को नि:शुल्क शिक्षा का प्रस्ताव कैबिनेट में पारित हो गया है। अब किसी को भी अपने बेटा-बेटी को पढ़ाने में कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए।  

 

रेहराबाजार क्षेत्र के त्रिमुहानी में सुहेलदेव भारतीय समाज के अति दलित व अति पिछड़ा वर्ग भागीदारी सम्मेलन को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे ओम प्रकाश राजभर कहा कि गरीब नेतानगरी के हथकंडों को समझाने लगे। उन्होंने कहा कि सारे गरीब दारू पीते हैं, मुर्गा खाने के बाद वोट देते हैं। इसके बाद दिल्ली या लखनऊ जाने वाले नेता उन्हें मुर्गा बनाकर पांच वर्ष तक घुमाते हैं। यही वजह है कि गरीब हमेशा गरीब ही रहते हैं और उनका कभी विकास नहीं होता है। उन्होंने कहा कि बाटी-चोखा कच्चा वोट, दारू मांगे पक्का वोट। 

 

उन्होंने कहा कि सरकार दिव्यांग जनों की सच्ची हितैषी है। दिव्यांगों को 300 की जगह 500 रुपये पेंशन मिलेगी। इसके साथ ही दस हजार की जगह दिव्यांग 40 हजार रुपये तक ऋण ले सकेंगे। इन योजनाओं को कैबिनेट में मंजूरी मिल चुकी है। 66 जिलों में दिव्यांगों को उपकरण वितरित किए जा चुके हैं।

 

उन्होंने कहा कि पिछड़ा वर्ग को मिले 27 प्रतिशत आरक्षण में तीन श्रेणियां निर्धारित की गई हैं। पिछड़ी जाति, अति पिछड़ी जाति व सर्वाधिक पिछड़ी जाति शामिल हैं। अब आरक्षण का लाभ आर्थिक आधार पर दिया जाएगा। रोजगार के लिए आरक्षण में पहले गरीबों को प्राथमिकता दी जाएगी। कार्यक्रम के दौरान कैबिनेट मंत्री ने मंच से नीचे उतरकर दिव्यांग का प्रार्थना पत्र लिया। 

 

इससे पहले मऊ में अतिपिछड़ा, अतिदलित भागीदारी रैली में राजभर ने कहा था कि उत्तर प्रदेश में भाजपा एक महीने में जितना खर्च करती है उतने का तो उनकी बिरादरी वाले एक दिन में शराब पी जाते हैं। राजभर ने यह भी कहा था, उनकी पार्टी भारतीय समाज पार्टी के झंडे का पीला रंग है और हम भगवान शंकर के पुजारी हैं। अगर कोई पीले रंग का विरोध करेगा तो हम शाप दे देंगे, उसे पीलिया हो जाएगा।

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