बलरामपुर : जिला संयुक्त चिकित्सालय में कई माह से बंद पड़ी डिजिटल एक्स-रे मशीन मरीजों का दर्द बढ़ा रही है। इसे दुरुस्त कराने का मुद्दा गत दिनों निरीक्षण पर आए राज्यमंत्री रवींद्र जायसवाल व राज्य महिला आयोग सुनीता बंसल के सामने भी उठ चुका है, लेकिन कोई पहल हुई और न ही मरीजों की परेशानी दूर हुई।

जिला संयुक्त चिकित्सालय में प्रतिदिन 300 मरीजों की ओपीडी होती है। इनमें 100 मरीजों को एक्स-रे कराने की जरूरत पड़ती है। इसके लिए पुरानी एक्सरे मशीन व पोर्टेबल डिजिटल एक्स-रे मशीन एक ही कमरे में लगी हैं जबकि दूसरे कमरे में बड़ी अत्याधुनिक जांच सुविधायुक्त डिजिटल एक्स-रे मशीन लगी है। डिजिटल एक्स-रे मशीन के कमरे की फर्श धंसने के कारण उसका संतुलन बिगड़ गया है, जिससे वह संचालित नहीं हो पा रही है। इसे चालू कराने के लिए फर्श सही कराते हुए पुन: इंस्टाल कराना होगा। ऐसे में एक ही कमरे में लगी (पुरानी एक्स-रे व पोर्टेबल डिजिटल एक्स-रे) मशीनों से एक्स-रे हो पा रहा है। दोनों मशीनें छोटी होने के कारण एक एक्स-रे करने में तीन से चार मिनट लग रहे हैं। ऐसे में मुश्किल से 70 लोगों का एक्स-रे अस्पताल अवधि में हो पा रहा है। मोटे व कमर दर्द के मरीजों के एक्स-रे में दिक्कत हो रही है। नेतुआ के प्रिस ने बताया कि डिजिटल एक्स-रे मशीन खराब होने के कारण सुबह ही आ जाने पर भी दोपहर के बाद ही एक्स-रे रिपोर्ट मिल पाती है। इससे मरीजों को कई दिन दौड़ लगानी पड़ रही है। सीएमएस डा. प्रवीण कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि डिजिटल एक्स-रे मशीन की मरम्मत के लिए जल्द ही निविदा कराई जाएगी।

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