संवादसूत्र, बलरामपुर :

जिला उद्यम एवं उद्योग प्रोत्साहन केंद्र पर गुरुवार को एक जिला एक उत्पाद प्रशिक्षण के लिए हुए साक्षात्कार में 150 अभ्यर्थियों की सामान्य ज्ञान की परख की गई।

साक्षात्कार समिति में शामिल जिला कृषि अधिकारी आरपी राणा, उपायुक्त उद्योग राजेश पांडेय व जिला समन्वयक कौशल विकास मिशन गोविद पांडेय ने एक जिला एक उत्पाद समेत विविध क्षेत्रों से जुड़े प्रश्न पूछे। इनमें तमाम अभ्यर्थी ऐसे भी रहे जिन्हें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री का नाम भी नहीं पता था। वकालत की पढ़ाई कर रहा एक अभ्यर्थी तो नागरिकों के मूल अधिकार तक नहीं बता पाया। एक जिला एक उत्पाद में प्रशिक्षण में हिस्सा लेने के साक्षात्कार दे रहे कई अभ्यर्थी एक जिला एक उत्पाद का मतलब ही नहीं समझा पाए। कुछ लोगों को मशीन मिलने का लालच देकर भेज दिया गया था।

अपनी बारी का इंतजार करते रहे अभ्यर्थी: साक्षात्कार देने आए अधिकांश अभ्यर्थी केंद्र के बाहर घंटों अपनी बारी का इंतजार करते रहे। वंदना जायसवाल, शालिनी, अफसर जहां समेत कई महिलाओं ने बताया कि साक्षात्कार के लिए उन लोगों को सुबह से बुला लिया गया, लेकिन बैठने के लिए कुर्सी तक नहीं मिली। पेयजल का भी इंतजाम नहीं था। तमाम अभ्यर्थी कार्यालय की फर्श पर अपनी बारी का इंतजार करते दिखे। उपायुक्त उद्योग राजेश कुमार पांडेय ने बताया कि एक जिला उत्पाद में दस दिवसीय प्रशिक्षण दिलाने के लिए 150 अभ्यर्थियों का साक्षात्कार लिया गया है। सामान्य ज्ञान समेत अन्य जानकारियों से जुड़े प्रश्न पूछ गए हैं। तमाम अभ्यर्थी कुछ भी बता पाने में असमर्थ रहे। पेयजल का इंतजाम था। भीड़ अधिक हो जाने के कारण थोड़ी असुविधा हुई। चर्चा का विषय रहा एक सवाल :

-साक्षात्कार के दौरान अभ्यर्थी राकेश शुक्ल से पूछा गया कि इस समय सबसे अधिक चर्चा किसकी है तो जवाब आया कि वाराणसी के ज्ञानवापी मस्जिद की। वहीं उपायुक्त राजेश पांडेय ने बताया कि अभ्यर्थियों के सामान्य ज्ञान की परख के लिए कुछ प्रश्न पूछे गए थे, लेकिन उन्होंने ऐसा कुछ नहीं पूछा था।

Edited By: Jagran