समाजवाद एक विचारधारा है, इसका व्यापक दायरा: जयशंकर प्रसाद
जागरण संवाददाता बिल्थरारोड (बलिया) भारतीय प्रेस परिषद के सदस्य व पत्रकार जयशंकर प्रसाद गु

जागरण संवाददाता, बिल्थरारोड (बलिया) : भारतीय प्रेस परिषद के सदस्य व पत्रकार जयशंकर प्रसाद गुप्त ने कहा कि समाजवाद एक विचारधारा है। इसके व्यापक दायरे हैं, लेकिन वर्तमान समय में सिर्फ जाति की राजनीति हो रही है, जो लोकतांत्रिक देश के लिए कतई ठीक नहीं है। समाजवाद सदैव जमात का प्रतिनिधित्व करता रहा है, जिसके कारण समाजवादी व्यवस्था में समता व संपन्नता से संतुष्टि की प्राप्ति होती है।
वे बिल्थरारोड बरनवाल धर्मशाला में समाजवादी पार्टी बिल्थरारोड द्वारा आयोजित 'बदलते राजनीतिक परि²श्य में समाजवाद की भूमिका'' विषयक पर संगोष्ठी में बतौर मुख्य वक्ता बोल रहे थे। श्री गुप्ता ने कहा कि आजादी के करीब 73 वर्ष बाद भी हमारे समाज का एक विशेष तबका मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। पूंजीपति वर्ग की स्थिति वर्ष दर वर्ष सु²ढ़ होती जा रही है और ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं की व्यापक कमी बढ़ती जा रही है। श्री गुप्त ने बिहार के चुनाव की समीक्षा करते हुए देशभर में समाजवाद, साम्यवाद और मार्क्सवाद की विस्तार से व्याख्या की। साथ ही कहा कि हमारा देश लोहिया, जनेश्वर मिश्र, मधु लिमए और आचार्य नरेंद्र देव जैसे प्रख्यात समाजवादी पुरोधाओं की जन्मस्थली है, जिनके समाजवादी विचारधारा की प्रासंगिकता वर्तमान परिवेश में सबसे अधिक है। अध्यक्षता कर रहे समाजवादी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष आद्याशंकर यादव ने की। संगोष्ठी में वरिष्ठ सपा नेता मतलूब अख्तर, शमशाद बासपारी, इरफान अहमद, ममता चंद्रा, विनोद कुमार पप्पू, मोहन वर्मा, अंगद यादव, रामाश्रय यादव फाइटर, देवेंद्र यादव, रूद्र प्रताप यादव, अतुल तिवारी, गौरव शंकर यादव, राशिद कमाल पाशा, सपा के नगर अध्यक्ष शिवम बरनवाल आदि मौजूद रहे। संचालन अमन बरनवाल ने किया।
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