कामायनी एक्सप्रेस में बम की सूचना से हड़कंप, यात्रियों को उतारकर ली गई तलाशी; चार घंटे देरी से चली ट्रेन
बलिया से लोकमान्य तिलक टर्मिनल तक जाने वाली कामायिनी एक्सप्रेस में मंगलवार को बम की सूचना से हड़कंप मच गया। जीआरपी पुलिस ने ट्रेन को तुरंत खाली कराकर सर्च अभियान चलाया। आरपीएफ-जीआरपी के साथ बलिया पुलिस और छपरा से डॉग स्क्वॉयड की टीम ने मेटल डिटेक्टर से जांच की। इस कारण से ट्रेन तीन घंटा 45 मिनट की देरी से ट्रेन रवाना हुई।
संवाद सहयोगी, बलिया। बलिया से लोकमान्य तिलक टर्मिनल तक जाने वाली कामायिनी एक्सप्रेस में बम की सूचना से मंगलवार को हड़कंप मच गया। आनन- फानन में जीआरपी पुलिस ने अनाउंसमेंट कर ट्रेन को खाली कराया। वाशिंग पीट भेजकर सर्च अभियान चलाया गया।
आरपीएफ-जीआरपी के साथ बलिया पुलिस और छपरा से डॉग स्क्वॉयड की टीम ने मेटल डिटेक्टर से गहन जांच की। इसके बाद ट्रेन तीन घंटा 45 मिनट विलंब से चार बजकर 30 मिनट पर रवाना की गई। इस बीच महाकुंभ जा रहे यात्री प्लेटफॉर्म पर खड़े होकर इंतजार करते रहे।
बलिया से 12.45 पर छूटने वाली थी कामायिनी एक्सप्रेस
बलिया स्टेशन से 12:45 बजे छूटने वाली कामायिनी एक्सप्रेस प्लेटफॉर्म नंबर चार पर लगी थी। प्रयागराज जान वाले यात्रियों से ट्रेन भरी थी। इस बीच 10:50 बजे जीआरपी थानाध्यक्ष विवेकानंद को प्रयागराज कंट्रोल रूप से कामायिनी ट्रेन में बम मिलने की सूचना मिली।
जानकारी होते ही रेलकर्मियों में मची अफरा-तफरी
जानकारी होते ही रेलकर्मियों में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही प्रभारी आरपीएफ जयेंद्र मिश्रा, प्रभारी स्टेशन अधीक्षक संजय सिंह और सीओ सिटी श्याम कांत के नेतृत्व में कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने ट्रेन में बैठे यात्रियों को नीचे उतारकर तत्काल ट्रेन को 11:25 बजे तक वाशिंग पीट के सुनसान इलाके में खड़ा कर दिया। जहां छपरा आरपीएफ टीम के स्नेपर रेंबो ने एक-एक कोने की जांच की। काफी मशक्कत के बाद सूचना अफवाह साबित हुई।
दोबारा ट्रेन धुलाने का बहाना बनाकर ट्रेन से उतारे गए यात्री
महाकुंभ यात्रियों की भीड़ से खचाखच भरी ट्रेन को दोबारा खाली कराना पुलिस टीम के लिए चुनौती साबित हुआ। यात्रियों को सही जानकारी देने पर भगदड़ की स्थित उत्पन्न हो सकती थी। ऐसे में पुलिस ने यात्रियों को नीचे उतारने के लिए ट्रेन की दोबारा धुलाई कराने का बहाना बनाया। हालांकि इसके बावजूद कई यात्री अपनी सीट छोड़ने को तैयार नहीं हुए। यात्री ट्रेन के साथ ही वाशिंगपीट तक जोन को भी तैयार दिखे।
जिले में डॉग स्क्वॉयड और बम निरोधक दस्ता नहीं
जनपद में डाग स्क्वायड और बम निरोधक दस्ता नहीं है। ऐसे में संवेदनशील परिस्थितियों में पड़ोसी जनपदों से टीम आने का इंतजार करना पड़ता है। मंगलवार को बम की सूचना पर छपरा से डॉग स्क्वॉयड टीम को बुलानी पड़ी। पांच घंटा तक इंतजार करना पड़ा।
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