Ballia News: सेवाएं नहीं सुधरी तो निलंबन को तैयार रहें CMO और CMS, मंत्री ने अस्पताल की खामियों पर जताई नाराजगी
बलिया में स्वास्थ्य सेवाओं की बिगड़ती स्थिति पर मंत्री दयाशंकर सिंह और नीरज शेखर ने अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने सीएमओ और चिकित्सा अधीक्षक को कमियों पर फटकार लगाई और सुधार न होने पर निलंबन की चेतावनी दी। मंत्री ने इमरजेंसी वार्ड का निरीक्षण किया और इलाज के अभाव में मरीजों की मौत पर नाराजगी जताई।
जागरण संवाददाता, बलिया। जनपद की बिगड़ती स्वास्थ्य सेवाएं को लेकर परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह और राज्य सभा सदस्य नीरज शेखर सोमवार को अचानक जिला अस्पताल पहुंचे। इस दौरान मिली खामियों पर नाराजगी जताते हुए सीएमओ और चिकित्सा अधीक्षक की क्लास लगाई।
चेताया कि यदि व्यवस्था में तत्काल सुधार नहीं हुआ तो निलंबन के लिए तैयार रहिए। मंत्री ने करीब एक घंटे के निरीक्षण में इमरजेंसी सहित कई वार्डों की स्थिति का भी जायजा लिया।
इलाज के अभाव में तीन मरीजों की मौत की जानकारी होने पर परिवहन मंत्री ने गंभीरता से लिया है। वह अस्पताल पहुंचकर सभी रजिस्टर की जांच कर दवाओं की उपलब्धता, चिकित्सक व अन्य स्टाफ के बारे में जानकारी ली।
कहा कि इमरजेंसी में आने वाले मरीज को रेफर करने से पहले यहीं ठीक करने का प्रयास करें। कहा कि इमरजेंसी में बैठने वाले चिकित्सक पहले विशेषज्ञ चिकित्सकों को बुलाकर चेक कराएं तभी रेफर करें।
वेंटीलेटर के बारे में सीएमएस ने मंत्री को बताया कि इसके लिए विशेषज्ञ की ट्रेनिंग चल रही थी। जल्द ही सुविधा शुरु होगी। मंत्री ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अस्पताल की व्यवस्था को दुरुस्त कराया जाए। मरीजों के साथ चिकित्सक व स्टाफ संवेदनात्मक व्यवहार करें।
50 करोड़ की लागत से बनेगा सीसीयू, मंत्री ने कराई नापी
जिला अस्पताल में काफी समय से लंबित क्रिटिकल केयर यूनिट के बारे में मंत्री ने जानकारी ली। इसके लिए जमीन नहीं मिलने की बात सामने आने पर उन्होंने तत्काल अवर अभियंता की टीम को बुलाकर नापी कराई।
कहा कि करीब 50 करोड़ से अधिक की लागत से क्रिटिकल केयर यूनिट का निर्माण होगा। जमीन का चिन्हांकन हो गया है। अब इसे जल्द तैयार कराया जाएगा ताकि गंभीर स्थिति के मरीज को बाहर न जाना पड़े।
इस दौरान मंत्री ने अटेंडेंट सेल्टर के लिए भी जमीन का चिन्हांकन कराया। कहा कि इंडियन आयल की तरफ से करीब दो करोड़ रुपए की लागत इसका निर्माण होगा, लेकिन इसके लिए विभाग अब तक जमीन उपलब्ध नहीं करा पाया था।
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