भारत-नेपाल सीमा पर यह कंपनी लगाएगी 32 टावर, नेटवर्किंग सिस्टम होगा मजबूत
बहराइच में भारत-नेपाल सीमा पर बीएसएनएल 32 टावर लगाएगा जिनमें से तीन पहले ही स्थापित हो चुके हैं। केंद्र सरकार के फोर-जी सेचुरेशन प्रोजेक्ट से सीमा सुरक्षा बल के जवानों को बेहतर नेटवर्क मिलेगा और हाईस्पीड इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध होगी। इस प्रोजेक्ट पर लगभग आठ करोड़ रुपये खर्च होंगे। सात और स्थानों पर टावर लगाने का कार्य चल रहा है।

जागरण संवाददाता, बहराइच। भारत-नेपाल सीमा पर भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) 32 टावर लगाएगा। तीन टावर स्थापित भी हो चुके हैं। केंद्र सरकार की इस पहल से नेपाल सीमा पर मुस्तैद सीमा सुरक्षा बल के जवानों को अपने घर पर फोन करने में जहां अच्छा नेटवर्क मिलेगा।
वहीं, सुरक्षा की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण होगा। भारत सरकार की फोर-जी सेचुरेशन प्रोजेक्ट से दुर्गम क्षेत्रों में भी उपभोक्ताओं के फोन की घंटियां बजेंगी।
बीएसएनएल के उपभोक्ताओं को हाईस्पीड इंटरनेट की सौगात देगा। फोर-जी सेचुरेशन प्रोजेक्ट भारत-नेपाल सीमा पर 32 फोर-जी टावर स्थापित किए जा रहे हैं। बीएसएनएल द्वारा अब तक सीमा सटे ककरदरी, मौलानापुरवा और हकीमपुरवा जंगल क्षेत्रों में टावर स्थापित कर दूरसंचार सेवा चालू कर दी गई है।
केंद्र सरकार के फोर-जी सेचुरेशन प्रोजेक्ट पर करीब आठ करोड़ रुपये खर्च होंगे। प्रति टावर पर 25 लाख रुपये खर्च होने की बात कही गई है। टावर स्थापित होने से उपभोक्ताओं को भी हाईस्पीड इंटरनेट की सुविधा मिलेगी। वहीं सीमा की सुरक्षा की दृष्टि से भी यह टावर महत्वपूर्ण साबित होंगे।
फोर-जी टावर सौर ऊर्जा से संचालित होंगे। बिजली गुल होते ही कनेक्विटी में आने वाली दिक्कत से छुटकारा मिलेगा। टावर में सोलर सिस्टम स्थापित होने से बीएसएनएल की सेवाएं बाधित नहीं होंगी।
सात लोकेशन पर चल रहा काम
बीएसएनएल द्वारा सीमा से सटे सात और लोकेशन पर टावर लगाने की कार्यवाही चल रही है। इनमें फट्टाचौक, बीओपी 42, बीओपी 51, मंडनाला, लंडी फारेस्ट, बक्ती फारेस्ट और मुंशीपुरवा द्वितीय शामिल हैं। इन स्थानों पर छह माह में टावर स्थापित हो जाएंगे। जबकि 22 अन्य स्थानों पर टावर लगाने के लिए डीएफओ से बीएसएनएल ने एनओसी मांगी है।
केंद्र सरकार की फोर-जी सेचुरेशन प्रोजेक्ट के जरिए नेपाल सीमा से सटे क्षेत्रों में 32 टावर लगाए जा रहे हैं। तीन पर संचार सेवाएं शुरू हो चुकी हैं। पूरे प्रोजेक्ट पर करीब आठ करोड़ रूपये खर्च होने की संभावना है। सात लोकेशन पर टावर लगाए जा रहे है। 22 स्थानों पर एनओसी की प्रक्रिया चल रही है। -मुनीश पांडेय, उपमंडल अभियंता, फोर-जी सेचुरेशन प्रोजेक्ट।
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