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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 15, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

IAS मोनिका रानी को मिलेगा पीएम पुरस्कार, यूपी के इस जिले में हैं DM; प्रधानमंत्री मोदी करेंगे सम्मानित

Published: Wed, 15 Jan 2025 09:37 PM (IST)

बहराइच की डीएम मोनिका रानी को उनकी अनूठी पहल सेवा से संतृप्तिकरण अभियान के लिए देशभर में पहचान मिली है। ...और पढ़ें

मोनिका रानी , जिलाधिकारी बहराइच . .
मोनिका रानी , जिलाधिकारी बहराइच . .

जागरण संवाददाता, बहराइच। विकासपरक व जनकल्याणकारी योजनाओं से असंतृप्त लोगों को लाभ दिए जाने के लिए जिलाधिकारी मोनिका रानी के ‘सेवा से संतृप्तिकरण’ अभियान को पूरे देश में अलग पहचान मिली है। डीएम की अनूठी पहल को केंद्र सरकार ने भी सराहा है। उनको देश के 10 जिलों में चयनित करते हुए वर्ष 2023 का पीएम पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। सिविल सर्विस डे पर 21 अप्रैल को डीएम बहराइच को प्रधानमंत्री मोदी सम्मानित करेंगे।

असंतृप्त व्यक्तियों को संतृप्तिकरण, महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से समुदाय की सहभागिता के साथ अभिनव पहल के तौर पर जिले में संचालित किए गए ‘सेवा से संतृप्तिकरण’ अभियान तथा आकांक्षी जिले के चर्तुमुखी विकास के लिए निर्धारित सूचकांकों में उत्कृष्ट उपलब्धि अर्जित करने के लिए जिलाधिकारी मोनिका रानी को ‘जिले का संपूर्ण विकास’ की श्रेणी के लिए प्रधानमंत्री पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है।

जिलाधिकारी मोनिका रानी का चयन कार्मिक, लोक शिकायत तथा पेंशन मंत्रालय, प्रशासनिक सुधार, भारत सरकार की ओर से वर्ष 2023 के लिए हुआ है। भारत सरकार ने लोक प्रशासन में उत्कृष्टता के लिए प्रधानमंत्री पुरस्कार की स्थापना की है। अवार्ड की विशेषता यह है कि देश के 700 से अधिक जिलों में से ‘जिले का संपूर्ण विकास’ की श्रेणी के लिए दस जिले चयनित किए गए हैं।

प्रधानमंत्री पुरस्कार के लिए चयनित देश के दस जिलों में प्रदेश का अकेला जिला बहराइच है जिसे वर्ष 2023 के लिए प्रधानमंत्री पुरस्कार के लिए चुना गया है। डीएम ने ‘सेवा से संतृप्तिकरण’ अभियान की सफलता के लिए सभी के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए ‘प्रधानमंत्री पुरस्कार 2023’ आकांक्षी जिलेवासियों को समर्पित किया है।

प्रधानमंत्री पुरस्कार की चयन प्रक्रिया

प्रधानमंत्री पुरस्कार के लिए चयन की बात की जाए तो यह सोने से कुंदन बनाने जैसी चार जटिल प्रक्रियाओं से गुजरता है। स्क्रीनिंग कमेटी, एक्सपर्ट कमेटी, सिटीजन फीडबैक, एंवाइड कमेटी की पारखी नजरों से गुजरने के बाद एक उच्च स्तरीय समिति जिले का भ्रमण कर योजनाओं की जमीनी हकीकत को परखती है, फिर उसके बाद देश के प्रधानमंत्री के अनुमोदन के बाद चयनित जिलों की सूची को अंतिम रूप दिया जाता है।