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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 30, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

यूपी की सियासत में अचानक आया भूचाल; भाजपा को बाय बाय बोलकर इस जिले में महिला नेत्री ने मचा दी खलबली

Published: Sun, 30 Jun 2024 10:30 AM (IST)

बागपत जिले में बबली देवी सपा के समर्थन से जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़कर जीती थीं। फिर वह सपा ...और पढ़ें

रालोद की सदस्यता ग्रहण करने के बाद कार्यकर्ताओं के साथ बागपत की जिला पंचायत सदस्य बबली देवी। सौजन्य रालोद
रालोद की सदस्यता ग्रहण करने के बाद कार्यकर्ताओं के साथ बागपत की जिला पंचायत सदस्य बबली देवी। सौजन्य रालोद

HighLights

  1. बागपत की जिला पंचायत सदस्य बबली भाजपा छोड़ रालोद में शामिल
  2. अचानक बदले घटनाक्रम से जिला पंचायत की राजनीति गरमाई

जागरण संवाददाता, बागपत। जिला पंचायत सदस्य बबली देवी शनिवार को भाजपा छोड़ रालोद में शामिल हो गईं अचानक बदले राजनीतिक घटनाक्रम से जहां रालोद के लोग अवाक रह गए वहीं जिला पंचायत की राजनीति गर्मा गईं है। वे वर्ष 2021 में भाजपा से रालोद प्रत्याशी के खिलाफ जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव लड़ चुकी हैं।

तब बबली देवी को निर्विरोध निर्वाचित कराने को ममता किशाेर ने ममता के नाम का नामांकन वापस लिया। लेकिन बवाल होने पर प्रशासन को बैकफुट पर आना पड़ा था। ममता किशोर की उम्मीदवारी बची और वे जिला अध्यक्ष चुनीं गईं लेकिन बबली देवी की हार हुई थी।

अब शनिवार को जिला पंचायत सदस्य बबली देवी कई जिला पंचायत सदस्यों के स्वजन के साथ दिल्ली में जयन्त चौधरी के आवास पर पहुंची जहां बागपत के सांसद डा. राजकुमार सांगवान, रालोद के मीडिया के प्रदेश संयोजक सुनील रोहटा, रालोद के राष्ट्रीय महासचिव त्रिलोक त्यागी आदि ने उनका स्वागत कर रालोद ज्वाइन कराई।

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रालोद नेता रह गए अवाक

वहीं जैसे ही बबली देवी के भाजपा छोड़ रालोद ज्वाइन करने की खबर आई वैसे ही रालोद के स्थानीय कई नेता तथा कार्यकर्ता अवाक रह गए। कई रालोद नेताओं ने नाम नहीं छापने पर कहा कि जिसके खिलाफ हमने जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में पुलिस की लाठियां खाईं उसे रालोद में शामिल करना हमारी समझ से परे है।

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भाजपा के एक विधायक खेमे की मानी जाती हैं बबली

बता दें कि बबली देवी भाजपा के एक विधायक खेमे की माना जातीं रही हैं। लोगों में आम चर्चा रही कि कई जिला पंचायत सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव लाकर ममता किशोर को हटाकर बबली देवी को अध्यक्ष बनवाने के लिए उन्हें रालोद में शामिल कराया है। वहीं उनके रालोद में शामिल होने से जिला पंचायत की अध्यक्ष ममता किशोर खेमें खलबली मची है।

रालोद नेता बेखकर

रालोद के जिलाध्यक्ष रामपाल धामा ने पूछने पर कहा कि मुझे तो जानकारी नहीं कि बबली देवी रालोद में शामिल हो गईं हैं। रालोद नेता जिला पंचायत सदस्य सुभाष गुर्जर बोले कि उनके रालोद में शामिल होने की बात संज्ञान में नहीं।

भाजपा अध्यक्ष बोले, नियत में खोट

भाजपा के जिलाध्यक्ष वेदपाल उपाध्याय ने कहा कि भाजपा और रालोद का गठबंधन हैं। फिर बबली देवी को रालोद में शामिल कराने की आखिर जरूरत क्यों पड़ी? रालोद नेताओं की नियत में खोट है। हम इस मामले से भाजपा हाईकमान को अवगत कराएंगे।