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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 22, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

स्वदेशी जागरण मंच के स्थापना दिवस पर स्वदेशी अपनाने का आह्वान

By JagranEdited By:
Published: Sun, 22 Nov 2020 06:23 PM (IST)

स्वदेशी जागरण मंच ने श्री नर्मदेश्वर महादेव मंदिर में रविवार को यज्ञ का आयोजन किया।

स्वदेशी जागरण मंच के स्थापना दिवस पर स्वदेशी अपनाने का आह्वान
स्वदेशी जागरण मंच के स्थापना दिवस पर स्वदेशी अपनाने का आह्वान

बागपत, जेएनएन। स्वदेशी जागरण मंच ने श्री नर्मदेश्वर महादेव मंदिर में रविवार को यज्ञ का आयोजन किया गया, जिसमें सभी ने आयोजित यज्ञ में आहुति देकर पर्यावरण की शुद्धि की कामना की।

यज्ञ के बाद जिला संयोजक संदीप बड़ौली ने कहा कि 22 नवंबर 1991 मे स्वदेशी जागरण मंच की स्थापना दत्तोपंत ठेंगडी ने की थी। मंच देश में पर्यावरण, परिवार और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहित किया। दत्तोपंत ठेंगडी ने अनेकों संगठन खड़े किए लेकिन बाहरी देशों में व्यापार से देश की आर्थिक स्थिति को होने वाले नुकसान के बारे में जब उन्होंने विचार किया, तो उन्होंने इसका विरोध किया और स्वदेशी जागरण मंच का गठन कर लोगों से स्वदेशी उत्पादों को खरीदने के लिए जागृत किया। जिला सह संयोजक नितिन गोस्वामी, जिला सह संयोजक मनोज तोमर, जिला कोष प्रमुख वरुण बावली, जिला सह प्रचार प्रमुख विक्रांत कुमार, राजकुमार, विकास शर्मा, रकम सोलंकी, अजय नरवाल, राधेश्याम फौजी, अर्जुन भागीरथ आदि मौजूद रहे। बागपत में बनाया जाएगा एक और गो संरक्षण केंद्र

सड़कों पर छुट्टा घूम रहे बेसहारा गोवंश के लिए बागपत में एक और गो संरक्षण केंद्र बनेगा। इसके लिए शासन ने 1.20 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. खुशीराम ने सीडीओ से गो संरक्षण केंद्र के निर्माण के लिए जमीन की व्यवस्था कराने का अनुरोध किया है। ज्यादा जमीन मिलने पर गो संरक्षण केंद्र ज्यादा बड़ा बनवा दिया जाएगा।

सीडीओ अभिराम त्रिवेदी ने कहा कि तीनों एसडीएम को जमीन चिह्नित कराने को पत्र लिखेंगे। बागपत में पहले दो गो संरक्षण केंद्र बने थे। अब एक और गो संरक्षण केंद्र बनने के बाद 500 से ज्यादा बेसहारा गोवंश को उसमे रखने से किसानों को राहत मिलेगी। उनकी फसल बर्बाद होने से बचेगी। बागपत में सैकड़ों बेसहारा गोवंश सड़कों और जंगल में छुट्टा घूमकर फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं।