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    Badaun: बोरी में बंद किया और अलीगढ़ की दादो नहर में फेंक आए...प्रधान के पति की हत्या में हुआ सनसनीखेज खुलासा

    Updated: Wed, 19 Jun 2024 08:05 AM (IST)

    Badaun Crime News In Hindi पुलिस ने ठेकेदार और उसके साथी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस को बताया कि सात जून की रात शराब के नशे में विवाद हुआ। इसी दौरान धक्का लगने से चरण सिंह के सिर के बल गिर गया। जिससे उसकी मृत्यु हो गई। वह लोग डर गए और इसके बाद शव को एक बोरे में बंद कर अलीगढ़ के दादो नहर में फेंक आए।

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    Badaun News: शराब के नशे में गाली देने पर हुई थी प्रधान पति की हत्या।

    जागरण संवाददाता, बदायूं। जिला बिजनौर की तहसील धामपुर के गांव फतेहपुर लाल उर्फ उदुपुरा की प्रधान दीपा चौहान के पति चरण सिंह की हत्या के मामले का पुलिस ने मंगलवार को राजफाश कर दिया।

    पुलिस को बताया कि वह लोग जल जीवन मिशन के तहत पाइप लाइन डालने का कार्य करते थे। उन्होंने चरण सिंह का ट्रैक्टर और कंप्रेशर मशीन को किराए पर ले रखा था। दोनों आरोपितों को जेल भेजने के बाद पुलिस इस मामले के साक्ष्य एकत्र कर चार्जशीट तैयार करने में जुट गई है।

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    पुलिस के अनुसार बिजनौर जिले की तहसील धामपुर के गांव फतेहपुर लाल उर्फ उदुपुरा की महिला प्रधान दीपा चौहान ने पुलिस को दस जून को शिकायती पत्र देते हुए बताया था कि उनके पति चरण सिंह की सात जून को दातागंज आए थे। लेकिन लौट कर घर नहीं पहुंचे। पुलिस ने गुमशुदगी पंजीकृत कर मामले की जांच शुरू कर दी।

    दो लोग हिरासत में लिए

    पुलिस को सर्विलांस की मदद से जिला अलीगढ़ के थाना अतरौली के गांव जमना खेड़िया निवासी गोपाल और बबलू की जानकारी मिली। पुलिस ने उन दोनों को हिरासत में लिया तो उन्होंने पूछताछ में बताया कि वह लोग जल जीवन मिशन के तहत दातागंज क्षेत्र में कार्य करा रहे थे। उन्होंने चरण सिंह का ट्रैक्टर और कंप्रेशर मशीन किराए पर डेढ़ हजार रुपये प्रतिदिन पर लिया था।

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    खाना खाने के लिए गए थे

    पूछताछ में दोनों ने चरन सिंह की हत्या करना स्वीकार किया। हत्यारोपित गोपाल ने बताया कि जिसे अपना बकाया लेने चरण सिंह दातागंज आता रहता था। सात जून को चरण सिंह दातागंज के गांव बराही आया। उसी दिन रात को खाना खाने के लिए गांव पड़ेली बझेडा स्थित स्कूल गए। जहां गोपाल का साथी बबलू भी आ गया। तीनों ने बैठकर शराब पी। शराब पीते समय देर रात चरण सिंह ने शराब के साथ सुलफा भी पी लिया था।

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    अधिक नशा होने पर चरन सिंह ने गोपाल और बबलू को गाली देना शुरू कर दिया। इसे लेकर विवाद शुरू हुआ और उन दोनों ने गुस्से में चरण सिंह को धक्का दे दिया। उसके गिरने के बाद जिससे चरण सिंह सिर के बल जमीन पर गिरकर बेहोश हो गया। उन दोनों ने उठाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं उठा। दोनों को लगा कि चरण सिंह मर गया। इससे वह दोनों डर गए और शव को प्लास्टिक की बोरी में भरकर अगले दिन सुबह ट्रैक्टर ट्रॉली में शव रखकर अलीगढ़ पहुंचे। जहां दादो नहर में उसे फेंक दिया।

    बोरी को काफी देर तक डुबाए रखा

    दोनों ने बताया कि वह जब बोरी फेंक रहे थे तो हलचल हुई। उन्हें चरण सिंह के जिंदा होने का अहसास हुआ तो बंद बोरी को काफी देर पानी में डुबाए रहे और बाद में वहीं फेंक कर चले आए। पुलिस ने मंगलवार को दोनों को जेल भेज दिया।

    दातगांज इंस्पेक्टर अरिहंत कुमार सिद्धार्थ ने बताया कि चरण सिंह के शव को अलीगढ़ पुलिस ने बरामद किया था। लेकिन पहचान न होने पर उसका अंतिम संस्कार करा दिया था। वहां से मिले कपड़े आदि सामान से उनकी पत्नी दीपा ने पहचान की है।