By Jagran NewsEdited By: Vinay Saxena Updated: Wed, 26 Feb 2025 03:20 PM (IST)
बदायूं के बिसौली चकबंदी कार्यालय से दो लाख की रिश्वत लेते पकड़ा गया पेशकार मंगलवार दोपहर न्यायालय में पेश किया गया जहां से उसे जेल भेज दिया गया लेकिन इस मामले में अभी तक रिश्वतखोर चकबंदी सीओ का पता नहीं चला है। बताया जा रहा है कि सोमवार की रात तक उसका मोबाइल खुला था उसके बाद बंद कर लिया गया।
जागरण संवाददाता, बदायूं। बिसौली चकबंदी कार्यालय से दो लाख की रिश्वत लेते पकड़ा गया पेशकार मंगलवार दोपहर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया लेकिन इस मामले में अभी तक रिश्वतखोर चकबंदी सीओ का पता नहीं चला है। बताया जा रहा है कि सोमवार की रात तक उसका मोबाइल खुला था, उसके बाद बंद कर लिया गया। बदायूं से भागने का अनुमान लगाया जा रहा है।
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सोमवार दोपहर एंटी करप्शन टीम ने बिसौली चकबंदी कार्यालय से पेशकार रामनरेश को दो लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। बताया जा रहा है कि चकबंदी सीओ प्रमोद कुमार इस्लामनगर ब्लॉक क्षेत्र के गांव सिठौली निवासी अजीत सिंह की मां के नाम जमीन करने के 10 लाख रुपये मांग रहा था।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, अजीत सिंह की मां ने अपने गांव के रामादेवी, रामबाबू और राजेंद्र से कुछ जमीन खरीदी थी। बैनामा के बाद उनकी दाखिल खारिज भी हो गई थी, लेकिन उसके बाद अजीत की मां का नाम जमीन से काट दिया गया और जमीन ग्राम पंचायत के नाम कर दी गई। इसके खिलाफ अजीत हाईकोर्ट चले गए। वहां सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने आदेश दिया था कि जमीन अजीत की मां के नाम दर्ज की जाए।
10 लाख रुपये की रिश्वत मांग रहा था
हाईकोर्ट ने दिसंबर 2024 में यह आदेश दिया था, लेकिन चकबंदी सीओ लालच में आकर जमीन अजीत की मां के नाम नहीं कर रहा था और वह 10 लाख रुपये की रिश्वत मांग रहा था। सोमवार को उसके कहने पर पेशकार ने दो लाख रुपये की रिश्वत ली थी और वह पकड़ा गया, लेकिन चकबंदी सीओ प्रमोद कुमार भागने में सफल रहा।
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पेशकार को भेजा गया जेल
सोमवार देर रात पेशकार को बरेली ले जाया गया। मंगलवार दोपहर उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। बताया जा रहा है कि सीओ की तलाश में भी टीम लगी हुई है, लेकिन वह अभी तक पकड़ा नहीं गया है। कई जगह टीम उसकी तलाश में दबिश दे चुकी है। उसके नजदीकी लोगों का कहना है कि वह बदायूं से भाग चुका है।
एंटी करप्शन टीम को ट्रांसफर हो गई विवेचना
एंटी करप्शन टीम ने चकबंदी सीओ और पेशकार के खिलाफ थाना सिविल लाइंस में प्राथमिकी दर्ज कराई है। देर रात तक इसकी कागजी कार्रवाई होती रही। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद ही तुरंत उसकी विवेचना बरेली एंटी करप्शन टीम को ट्रांसफर हो गई।
एंटी करप्शन टीम के सीओ यशपाल सिंह ने बताया कि रिश्वत लेते पकड़ा गया पेशकार मंगलवार दोपहर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। आरोपित सीओ को तलाश किया जा रहा है। जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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