बदायूं, जागरण संवाददाता। Love Jihad in Badaun: सर्दी की रात, सड़कों पर सन्‍नाटा और अंधेरे में जाती अकेली किशोरी। पुलिस ने देखा तो उसे रोक लिया। पुलिस को देखते ही वह घबरा गई। इधर-उधर की बात करने लगी। जब पुलिस को संदेह हुआ और घर वालों का नंबर मांगा तो कहा कि वह बरेली के हिंजा अली नाम के युवक से प्यार करती है, उसी के पास जा रही है। पुलिस उसे थाने ले आई। उसके स्‍वजन को बुलाया गया और उनके साथ उसे भेज दिया गया। लोगों ने खाकी की संवेदनशीलता को सराहते हुए कहा कि पुलिस ने किशोरी को लव जिहाद में फंसने से बचा लिया। 

बरेली निवासी मुस्लिम युवक से फोन पर बात करती थी किशोरी 

सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी किशोरी पिछले कुछ दिनों से एक मुस्लिम युवक से बातचीत कर रही थी। उसके स्वजन को इसका अंदेशा था लेकिन, यह नहीं पता था कि वह बात कैसे और किस युवक से करती है। इन सबके बीच शुक्रवार रात सभी स्वजन के सो जाने के बाद वह घर से निकल आई। उसके पास एक बैग और कुछ सामान था। वह अकेल ही शहर से होकर बस स्टैंड जा रही थी।

अकेली किशोरी को देख चौकी इंचार्ज को हो गया था शक

शहर के इंदिरा चौक पर जब वह पहुंची तो उसी दौरान चौकी इंचार्ज जवाहरपुरी कमलेश यादव गश्त पर थे। उन्होंने किशोरी को देखा तो उसे रोका। उसका नाम आदि पूछने के बाद जब कहा कि इतनी रात में अकेले कहां जा रही हो तो वह इधर-उधर की बातें करने लगी। जब चौकी इंचार्ज ने जोर देकर पूछा तो कहा कि वह अपने दोस्त के पास बरेली जा रही है। इसके लिए वह बस स्टेशन से बस पकड़ेगी।

पुलिस ने किशोरी को किया स्‍वजन के सुपुर्द

यह सुनकर चौकी इंचार्ज ने उसका मोबाइल नंबर आदि लिया तो वह घबरा गई। इस पर पुलिस को शक हुआ कि वह भागकर जा रही है। पुलिस उसे थाने ले गई, वहां किशोरी के स्वजन को बुलाया गया। किशोरी ने बताया कि वह बरेली के हिंजा अली नाम के युवक से मिलने जा रही थी। वह उससे प्यार करती है। इसके बाद पुलिस ने किशोरी को उसके स्‍वजन के सुपुर्द कर दिया। हालांकि, स्‍वजन ने कोई शिकायत नहीं की। दिन-भर इस बात की चर्चा रही कि पुलिस ने किशोरी को लव जिहाद के जाल में फंसने से बचा लिया।

Edited By: Vivek Bajpai

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