बदायूं, जागरण संवाददाता। Sanskarshala 2022:  बिल्‍सी के बाबा इंटरनेशनल स्‍कूल की एकेडमिक डायरेक्‍टर साधना वार्ष्‍णेय का कहना है कि आनलाइन पढ़ाई जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है। लाकडाउन के समय आनलाइन शिक्षा ने अपनी जगह बना ली। अब 5जी भी लांच हो चुका है। मोबाइल एडिक्शन (लत) बढ़ रहा है। मां-बाप ने बच्चों को चुप कराने का जरिया मोबाइल फोन को बना रखा है। ऐसे में जब बच्चे जीवन की वास्तविक परिस्थितियों को जानेंगे ही नहीं तो आगे चलकर उन्हें अपने जीवन में अनेक प्रकार की परेशानियों को सामना करना पड़ेगा।

ऐसे में बच्चो को जितना हो सके मोबाइल फोन से दूर रखकर इसके साइड इफेक्ट्स से बचाया जा सकता है। जो बच्चे मोबाइल फोन के आदी हो चुके हैं उनको प्यार से इसके दुष्परिणामों के बारे में अवगत कराना चाहिए, जिससे कि वे स्वयं ही इसके दुष्प्रभावों से अवगत होकर इसकी लत न लगाएं। जितना इसका हमारे लिए उपयोग है उतना ही करें बच्चों को प्यार से समझाना ही इसका समझदारी भरा हल है।

Edited By: Vivek Bajpai

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