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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 21, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

हिट हो गया सोनरूपा का 'अमेरिका और 45 दिन'

By JagranEdited By:
Published: Sat, 21 Sep 2019 12:01 AM (IST)Updated: Sat, 21 Sep 2019 06:23 AM (IST)

डॉ. सोनरूपा विशाल को उनकी कृति अमेरिका और 45 दिन के लिए जगदीश गुप्ता पुरस्कार दिया गया।

हिट हो गया सोनरूपा का 'अमेरिका और 45 दिन'
हिट हो गया सोनरूपा का 'अमेरिका और 45 दिन'

जेएनएन, बदायूं : उत्तर प्रदेश हिदी संस्थान की ओर से प्रख्यात गीतकार रहे डॉ.उर्मिलेश की पुत्री डॉ.सोनरूपा विशाल को उनकी यात्रा वृतांत पुस्तक के लिए जगदीश गुप्त पुरस्कार प्रदान किया गया है। कवयित्री सोनरूपा विशाल को उनकी दूसरी पुस्तक अमेरिका और 45 दिन के लिए जगदीश गुप्त पुरस्कार की घोषणा हुई है।

शहर के प्रोफेसर कॉलोनी निवासी सोनरूपा विशाल को साहित्यिक माहौल विरासत में मिला। डॉ.उर्मिलेश की सरपरस्ती में वह साहित्य सृजन करती रहीं। उनके निधन के बाद उनकी साहित्यिक विरासत को उन्होंने बखूबी संभाला। पिछली साल वह अमेरिका गई थीं जहां 45 दिन तक वहां के 25 शहरों में आयोजित कवि सम्मेलनों में अपनी धाक जमाई थी। उसी को उन्होंने अमेरिका और 45 दिन शीर्षक से उनका ये यात्रा संस्मरण 2018 के अंत में प्रकाशित हुआ था। यह यात्रा संस्मरण उन्होंने अमेरिका प्रवास के दौरान लिखा था, जब वे वहां अंतरराष्ट्रीय हिदी समिति द्वारा अमेरिका के 25 शहरों में आयोजित कवि सम्मेलन की श्रृंखला में गई थीं। उनको पहले गजल संग्रह 'लिखना जरूरी है' के लिए भी हिदी संस्थान उत्तर प्रदेश द्वारा हरिवंशराय बच्चन पुरस्कार मिल चुका है। सोनरूपा इस समय कवि सम्मेलनों की श्रृंखला में इंग्लैंड गई हुई हैं। उनके भाई बदायूं क्लब के सचिव व कवि डॉ.अक्षत अशेष ने खुशी जाहिर की है।