मकान की नींव उखड़ने के विवाद में की थी हत्या, अदालत ने तीन को सुनाई उम्रकैद की सजा
बदायूं में मकान की नींव उखाड़ने के विवाद में हुई हत्या के तीन आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश विवेक सगल ने प्रत्येक दोषी पर 12-12 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। शिकायतकर्ता करू सिंह के अनुसार आरोपियों ने उनके भाई अंतर सिंह की नींव उखाड़ दी थी।

जागरण संवाददाता, बदायूं । मकान की नींव उखड़ने के विवाद में की गई हत्या करने के तीन आरोपितों को जिला एवं सत्र न्यायाधीश विवेक सगल ने दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उन पर 12-12 हजार रुपये का जुर्माना डाला है। इस मामले में चौथे आरोपित की मुकदमे के दौरान मृत्यु हो गई थी।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, बिसौली थाना पुलिस को करू सिंह ने तहरीर देते हुए बताया था कि भाई अंतर सिंह ने अपना मकान बनवाना शुरू किया और चारों दिशा में नींव भरवा चुके थे। उनके गांव के धीरेंद्र, प्रेमपाल, नेत्रपाल, ऋषि पाल उनसे कहने लगे कि इस जगह पर मकान नहीं बनने देंगे। यह जगह उनकी है। 14 मार्च 2014 की रात वह अपने घर सोए थे।
इसी दौरान वह सभी लोग उसके भाई के प्लाट में जाकर चिल्लाकर नींव की ईंट उखाड़ कर फेंकने लगे। शोर सुनकर वह तथा उसका भाई अतर सिंह व बड़े भाई इंद्रपाल और गांव के अन्य बहुत से लोगों को लेकर प्लाट पर गए। उन सभी ने नींव उखड़ने से मना किया।
तमंचे से किया फायर
इस पर ऋषि पाल, नेत्रपाल, प्रेमपाल उपरोक्त के कहने पर धीरेंद्र ने उसके भाई अतर सिंह को जान से मारने की नीयत से तमंचे से फायर कर दिया। इससे उसके भाई अतर सिंह सीने पर गोली लगी। जिससे उनके भाई अंतर मौके पर गिर पड़े।
अंतर सिंह की बरेली के प्राइवेट अस्पताल में इलाज के दौरान 15 मार्च 2014 को मृत्यु हो गई। न्यायालय में धीरेंद्र, प्रेमपाल, नेत्रपाल निवासीगण ग्राम परवेज नगर थाना बिसौली पर अंतर सिंह की हत्या करने का मुकदमा चलाया गया। न्यायाधीश ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य का अवलोकन किया। अभियोजन पक्ष के डीजीसी अनिल कुमार सिंह राठौड़ और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुनने के बाद सभी को दोषी पाते हुए उन्हें सज़ा सुनाई है। जबकि चौथे आरोपित ऋषिपाल की मुकदमा के दौरान मौत हो गई।
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