बरेली, जेएनएन। बदायूं में हैवानियत की शिकार हुई महिला आंगनबाड़ी सहायिका के पद पर कार्यरत थी। तीन बच्चों के अलावा अपने पति की देखरेख का जिम्मा भी वही संभाल रही थी। उसको जो मानदेय मिलता था उसी से घर का गुजारा हो रहा था। ऐसे में दरिंदों ने परिवार के कमाऊ सदस्य को छीन लिया।

चूंकि वह परिवार की कमाऊ सदस्य थी, ऐसे में उसके स्वजनों को अन्य सरकारी योजनाओं के साथ-साथ पारिवारिक लाभ योजना का लाभ भी दिया जाएगा। इसके अलावा रानी लक्ष्मीबाई महिला सम्मान कोष से भी दस लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। पीडि़त परिवार से मिलने पहुंचे डीएम कुमार प्रशांत ने सरकारी योजनाओं के तहत मिलने वाली सहायता राशि दिलाने का आश्वासन दिया।

 

Edited By: Ravi Mishra