सिलहरी (बदायूं), जेएनएन : थाना कुंवरगांव के गांव कल्लिया काजमपुर से चार अक्टूबर की रात मां के पास सो रहा आयुष अचानक गायब हो गया था। मामले में पुलिस ने अपरण की रिपोर्ट दर्ज की थी। चार दिन पहले बच्चा हाथरस के हाथरस गेट थाना क्षेत्र के गांव जोगिया में एक बैग में मिला था। स्वजन ने उसकी पहचान कर ली थी। लेकिन, हाथरस प्रशासन से बच्चे का डीएनए टेस्ट कराने के बाद ही उन्हें सुपुर्द करने की बात कही। इसके चलते बुधवार को कुंवरगांव पुलिस माता पिता को डीएनए टेस्ट को हाथरस ले गई है।

चार अक्टूबर को कल्लिया काजमपुर निवासी नेम सिंह व पत्नी कन्यावती बच्चों के साथ सो रहे थे। देर रात करीब एक बजे आंख खुलने पर देखा तो बच्चा गायब था। कन्यावती ने सभी को जगाया और बच्चे की तलाश की। अगले दिन एसपी सिटी प्रवीण सिंह चौहान की मौजूदगी में बच्चे की तलाश में कांबिग कराई। बच्चा न मिलने पर मुकदमा दर्ज किया। सोमवार को जिला हाथरस के थाना हाथरसगेट पुलिस ने कुंवरगांव पुलिस को एक बच्चे के मिलने की सूचना दी। कुंवरगांव पुलिस नेम सिंह व मां कन्यावती को लेकर हाथरस पहुंची। यहां बताया कि बच्चा मथुरा-हाथरस हाईवे पर स्थित गांव जोगिया के पास बैग में मिला था। पुलिस ने बच्चे को अस्पताल में भर्ती कराया है। हाथरस चाइल्ड लाइन के लोगों ने बच्चे को सीधे नेम सिंह को देने से मना कर दिया था। डीएनए टेस्ट कराने को कहा था। कुवंरगांव थानाध्यक्ष रविकरन ने बताया कि बच्चे के माता पिता को डीएनए टेस्ट के लिए हाथरस ले जाया गया है। वहां से उन्हें आगरा भेजेंगे। आगरा में ही डीएनए टेस्ट होगा। डीएनए मैच होने पर बच्चा उन्हें दिया जाएगा।

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