भाई के प्यार पर भारी पड़ी वासना
जरीफनगर (बदायूं) : यह वो घटना है जिसकी मात्र कल्पना से खूनी रिश्ते तार-तार हो जाएं। एक भाई ने अपने ह
जरीफनगर (बदायूं) : यह वो घटना है जिसकी मात्र कल्पना से खूनी रिश्ते तार-तार हो जाएं। एक भाई ने अपने ही परिवार में एक महिला से नाजायज संबंध बनाए तो बड़े भाई ने इसका विरोध सिर्फ इसलिए किया कि इस रिश्ते को न तो समाज अनुमति देता था और न ही कानून। बात जब घर की दहलीज के पार हुई तो गली-गलियारों में चर्चा का विषय बन गई।
रामऔतार की पत्नी ने पुलिस को बताया कि आरोपी गेंदन लाल ने अपनी ससुराल की एक लड़की का ब्याह करीब एक साल पूर्व परिवार के एक युवक से कराया था। नवविवाहिता से आरोपी के अवैध संबंध बन गए। इसकी भनक करीब एक पखवाड़े पूर्व राम औतार को लगी तो उसने इसका विरोध किया। लेकिन गेंदनलाल ने इसे गंभीरता से लेने के विरोध करने वाले भाई को रास्ते से हटाने की योजना बना डाली। कई बार दोनों में कहासुनी हुई तो परिजनों ने परिवार का मामला होने के चलते दोनों को समझा-बुझाकर शांत कर दिया और पुलिस को इत्तला नहीं दी। गेंदन लाल ने इसी जुनून के चलते अपने भाई की गोली मारकर हत्या कर दी। अब तीन पुत्रियों की शादी का जिम्मा भी विधवा अमरवती के कंधें पर आ पड़ा। इधर, आरोपी की पत्नी भी इस वारदात से सकते में हैं। उसे समझ नहीं आ रहा कि ये क्या हो गया? वह कभी आंसू भरी आंखों से अपने जेठ की लाश को देख रही थी तो कभी अपने तीन मासूम बच्चों को।
गरीबी पर सात बच्चों का भार
मृतक रामौतार के सोनू (24) विष्णु (22) सुभाष (20) सतेंद्र (18) चार पुत्र और क्रमश ऊषा (16) लल्तू, (13) दीपिका (9) तीन पुत्रियां हैं। इनमें से केवल सबसे बड़ा पुत्र सोनू शादी शुदा है। बाकी सभी अविवाहित हैं। रामौतार की हत्या के बाद इन बच्चों की परवरिश और पुत्रियों की शादी का भार विधवा अमरवती के कंधों पर आ पड़ा है। बता दें कि मृतक पर चार पांच बीघा जमीन है जिस पर खेती बाड़ी और मेहनत मजदूरी कर गृहस्थी चला रहा था। बड़ा पुत्र सोनू गुड़गांव में मजदूरी कर गृहस्थी चलाने में पिता का हाथ बंटा रहा था।
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