यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 03, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
रोजगार को 204 अभ्यर्थियों का चयन, ऋण का इंतजार
आजमगढ़ बेरोजगारी की समस्या को कम करने और प्रदेश के युवाओं को अपने पैरों पर खड़ा करने के लिए उत्तर ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, आजमगढ़ : बेरोजगारी की समस्या को कम करने और प्रदेश के युवाओं को अपने पैरों पर खड़ा करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना की शुरुआत की। इसमें योग्य युवाओं को कम ब्याज दर में लोन की सुविधा दी जाएगी जिससे वे अपना खुद का काम शुरू कर सकें। उत्तर प्रदेश सरकार की इस अच्छी पहल का जिले में यह हाल है कि योजना के अंतर्गत लक्ष्य के सापेक्ष अभी तक कोई वितरण नहीं किया गया है।
मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के अंतर्गत मंडल में आजमगढ़ का लक्ष्य 204, मऊ का 106 और बलिया का 156 निर्धारित है। इसमें मऊ में दो और बलिया में एक अभ्यर्थी को बैंकों द्वारा धनराशि उपलब्ध कराई गई है लेकिन आजमगढ़ में अभी तक कोई वितरण नहीं किया गया है। यानी लक्ष्य के सापेक्ष मंडल के तीनों जिलों में लक्ष्य के सापेक्ष सौ फीसद लोनिग अभी तक सुनिश्चित नहीं हो सकी है। इसके पीछे पात्र लाभार्थियों की लोनिग में अनावश्यक विलंब किया जाना है।
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कमिश्नर ने भी जताई थी नाराजगी
मंडलीय उद्योग बंधु की बैठक में लक्ष्य के सापेक्ष लोनिग वितरण न करने पर मंडलायुक्त कनक त्रिपाठी ने भी नाराजगी व्यक्त की थी। उन्होंने निर्देशित किया था कि धनराशि पात्र लाभार्थियों को ही मिले और इसमें अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए।
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वर्जन--संयुक्त आयुक्त उद्योग
''मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को ऋण उपलब्ध कराने के लिए कमेटी के निर्णय के बाद पत्रावली संबंधित बैंकों को भेज दी जाती है। बैंकों की जांच-पड़ताल में विलंब हो जाता है। उद्योग बंधु की मंडलीय बैठक में इसकी समीक्षा की गई थी। बैंकों द्वारा समय से ऋण वितरण का आश्वासन दिया गया है।
--रंजन चतुर्वेदी, संयुक्त आयुक्त उद्योग, आजमगढ़।