कोचीन से अयोध्या के लिए रवाना हुई वाटर मेट्रो, PM मोदी इसी पर सवार हो रामनगरी की आभा को करेंगे आत्मसात
सरयू नदी में अयोध्या के नयाघाट से गुप्तारघाट तक चलने वाली वाटर मेट्रो पर सवार हो पीएम रामनगरी की आध्यात्मिक आभा को आत्मसात करेंगे। पीएम इसके माध्यम से जल परिवहन का मार्ग प्रशस्त करेंगे। वाटर मेट्रो 50 सीटर बताई जा रही है। इसी के लिए कोलकाता से लोहे की चादर लगी दो जेटी लाई जा रही है जिसमें से एक अयोध्या के नयाघाट और दूसरी गुप्तारघाट पर स्थापित की जाएगी।
जागरण संवाददाता, अयोध्या। अभी तक आप ने रेल मेट्रो का नाम सुना होगा। अब सरयू नदी में वाटर मेट्रो का संचालन शुरू होने जा रहा है। इस वाटर मेट्रो का शुभारंभ भव्य दिव्य राम मंदिर में 22 जनवरी को रामलला के विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव में यजमान बन कर आ रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों कराने की तैयारी है।
जल पर्यटन के लिए यह प्रदेश की पहली वाटर मेट्रो बताई जा रही है, जिसका निर्माण कोचीन शिपयार्ड में किया गया है। जलमार्ग से कोलकाता से पटना होते हुए अयोध्या आने वाली वाटर मेट्रो रविवार को कोचीन से रवाना हो गई है, जिसको हर हाल में प्रधानमंत्री के कार्यक्रम से पहले अयोध्या पहुंचना है।
सरयू नदी में अयोध्या के नयाघाट से गुप्तारघाट तक चलने वाली वाटर मेट्रो पर सवार हो प्रधानमंत्री रामनगरी की आध्यात्मिक आभा को आत्मसात करेंगे। प्रधानमंत्री इसके माध्यम से जल परिवहन का मार्ग प्रशस्त करेंगे। वातानुकूलित वाटर मेट्रो 50 सीटर बताई जा रही है। इसी के लिए कोलकाता से लोहे की चादर लगी दो जेटी लाई जा रही है। जिसमें से एक अयोध्या के नयाघाट और दूसरी गुप्तारघाट पर स्थापित की जाएगी। यह जेटी घाट और वाटर मेट्रो के बीच प्लेटफार्म का काम करेगी।
जेटी के साथ नदी के रास्ते से आ रही भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण की टीम सोमवार को अंबेडकरनगर जिले के महबूबगंज पहुंच गई है, जिसके मंगलवार को जेटी के साथ अयोध्या पहुंचने की संभावना व्यक्त की जा रही है। टीम जेटी को निर्धारित स्थल पर स्थापित कर रवाना हो जाएगी।
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भविष्य में योगी सरकार कराएगी वाटर मेट्रो का संचालन
प्रधानमंत्री के हाथों शुरू होने वाली वाटर मेट्रो का संचालन भविष्य में प्रदेश सरकार कराएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में पिछले माह अयोध्या में हुई कैबिनेट की बैठक में जलमार्ग प्राधिकरण के गठन का प्रस्ताव पास किया गया था। सरयू नदी में जल परिवहन को इसी से जोड़ कर देखा जा रहा है। भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों की मानें तो भविष्य में एक और कैटामरैन बोट का संचालन अयोध्या में नयाघाट से गुप्तारघाट तक किया जाएगा।
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