Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    Ram Mandir: 22 जनवरी के दिन अपने 'लला' का आगमन चाहती हैं गर्भवती महिलाएं, डॉक्टर बोले- खुद से न करें कोई फैसला

    By Vikash Mishra Edited By: Jeet Kumar
    Updated: Sun, 07 Jan 2024 05:00 AM (IST)

    रामलला के विग्रह की प्राण-प्रतिष्ठा को लेकर देशभर में उत्साह है। 22 जनवरी का दिन इतिहास के पन्नों में दर्ज होने वाला है। ऐसे में गर्भवती महिलाएं इस दिन को सर्वश्रेष्ठ मानते हुए प्रसव कराना चाहती हैं। जिन महिलाओं की डिलीवरी 22 जनवरी के आसपास होनी है वह भी इसी शुभ दिन की डिलीवरी के लिए तारीख मांग रही हैं।

    Hero Image
    22 जनवरी के दिन डिलीवरी चाहती हैं गर्भवती महिलाएं

    जागरण संवाददाता, लखनऊ। रामलला के विग्रह की प्राण-प्रतिष्ठा को लेकर देशभर में उत्साह है। 22 जनवरी का दिन इतिहास के पन्नों में दर्ज होने वाला है। ऐसे में गर्भवती महिलाएं इस दिन को सर्वश्रेष्ठ मानते हुए प्रसव कराना चाहती हैं। ऐसी करीब चार-पांच महिलाएं हैं जो इस दिन मां बनने के लिए अपने डाक्टर से विशेष आग्रह कर रही हैं।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    संतान के लिए यादगार होगा 22 जनवरी

    मातृ एवं शिशु अस्पताल में प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की एडिशनल प्रोफेसर मालविका मिश्रा कहती हैं, जिन महिलाओं की डिलीवरी 22 जनवरी के आसपास होनी है, वह भी इसी शुभ दिन की डिलीवरी के लिए तारीख मांग रही हैं। महिलाओं का कहना है कि उनकी संतान के लिए यह विशेष दिन यादगार होगा। उनकी इस चाह को पूरा करने के लिए पति और परिवार के बुजुर्ग भी साथ दे रहे हैं।

    डॉक्टरों की सलाह दबाव न बनाएं महिलाएं

    इस तरह का आग्रह करने वाली महिलाओं की सिजेरियन डिलीवरी होनी है। करीब चार-पांच ऐसे मामले होंगे, जिनके प्रसव 22 जनवरी को भी हो सकते हैं। ये वे महिलाएं हैं, जिनका समय पूरा हो गया है। हालांकि, उन्होंने सलाह दी है कि प्रसव का निर्णय खुद से कतई न करें और न ही अपने डॉक्टर पर कोई दबाव बनाएं।

    बिना समय पूरा हुए डिलीवरी कराने पर इसका दुष्प्रभाव जच्चा-बच्चा दोनों को झेलना पड़ सकता है। डा. मालविका ने बताया कि मेरी जानकारी में लोहिया संस्थान के अलावा शहर के कई निजी अस्पताल में भी बड़ी संख्या में गर्भवती महिलाएं पहुंच रही हैं।

    यह भी पढ़ें- राम भक्तों के लिए अयोध्या में उड़ान भरेगा हेलीकॉप्टर, जानिए कब से शुरू होगी ये सेवा

    क्यों खास है यह दिन

    ज्योतिषाचार्य डॉ विपिन पांडेय ने बताया कि बच्चों के जन्म में समय और मुहूर्त का विशेष महत्व है। दरअसल, बच्चे के जन्म के समय से ही उसके जीवन की दशा और दिशा तय हो जाती है। इसलिए शुभ मुहूर्त को तरजीह दी जाती है। 22 जनवरी को भगवान रामलला की प्राण प्रतिष्ठा सबसे अच्छे मुहूर्त में हो रही है। इसी वजह से बड़ी संख्या में गर्भवती महिलाएं इसी दिन डिलीवरी करने का आग्रह कर रही हैं। हालांकि, यह डाक्टर की सलाह पर ही होना चाहिए।