Ram Mandir: अयोध्या एयरपोर्ट पर 22 जनवरी को सिर्फ पीएम का विमान उतरेगा, राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के दिन नेग नहीं मांगेंगे किन्नर
प्राण प्रतिष्ठा के दिन अयोध्या में 22 जनवरी को सिर्फ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ही वायुयान की पार्किंग होगी। यहां आने वाले अतिथियों को छोड़कर उनके विमान पार्किंग के लिए अन्य एयरपोर्ट रवाना हो जाएंगे। इस संबंध में एयरपोर्ट के निदेशक विनोद कुमार ने रामजन्मभूमितीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपतराय से शनिवार को मुलाकात भी की और आने वाले अतिथियों पर चर्चा की।

जागरण संवाददाता, अयोध्या। महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर 22 जनवरी को सिर्फ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ही वायुयान की पार्किंग होगी। यहां आने वाले अतिथियों को छोड़कर उनके विमान पार्किंग के लिए अन्य एयरपोर्ट रवाना हो जाएंगे। इस संबंध में एयरपोर्ट के निदेशक विनोद कुमार ने रामजन्मभूमितीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपतराय से शनिवार को मुलाकात भी की और आने वाले अतिथियों पर चर्चा की।
वायुयानों की पार्किंग के लिए पूछताछ की गई
एयरपोर्ट से अब तक करीब सौ वीवीआइपी की ओर से वायुयानों की पार्किंग के लिए पूछताछ की गई है। प्रधानमंत्री मोदी के विमान की पार्किंग के कारण बाकी वायुयानों को रुकने के लिए दूसरे एयरपोर्ट पर भेजा जाएगा।
कुशीनगर एयरपोर्ट पर पार्किंग की व्यवस्था की जा रही है
अतिथियों के वायुयानों की लखनऊ, काशी, प्रयागराज, गोरखपुर और कुशीनगर एयरपोर्ट पर पार्किंग की व्यवस्था की जा रही है। प्रधानमंत्री के विमान की सुरक्षा के कारण अन्य अतिथियों के विमान दूसरी जगह भेजे जाएंगे। एयरपोर्ट निदेशक विनोद कुमार ने बताया कि यह निर्णय सुरक्षा कारणों से लिया गया है।
22 जनवरी को बधाई गाएंगे, नेग नहीं मांगेंगे किन्नर
राम लला की प्राण प्रतिष्ठा से उत्साहित हैं मुरादाबाद की किन्नर -प्राण प्रतिष्ठा के बाद प्रभु श्रीराम के दर्शन करने जाएंगे अयोध्याशुभम शर्मा, मुरादाबादराम लला की प्राण प्रतिष्ठा से किन्नर भी उत्साहित हैं। उनकी रामोत्सव को अलग तरीके से मनाने की तैयारी है। निर्णय किया है कि वह 22 जनवरी को बधाई गाएंगे लेकिन, नेग नहीं मांगेंगे।
उनका कहना है कि त्रेता युग में भगवान राम के जन्म होने पर किन्नरों ने राजा दशरथ से नेग लेकर इस परंपरा की शुरुआत की थी। प्रभु राम को गोद में लेकर ढोलक की थाप और मजीरे के साथ बधाई गाई। प्रभु की बलाइयां लीं। प्राण प्रतिष्ठा के बाद वह प्रभु के दर्शन करने अयोध्या जाएंगे।शहर के करुला मोहल्ला में करीब दो सौ किन्नर रहते हैं। सभी ने मिलकर यह फैसला लिया है।
मंदिर में विराजमान होने का ऐतिहासिक दिन होगा
किन्नरों की गुरु मां अलबेली कहती हैं कि अहो भाग्य हमारे रामलला पधार रहे हैं। अपार खुशी है। राम जी के अपने मंदिर में विराजमान होने का ऐतिहासिक दिन होगा। घरों को सजाया जाएगा। दीपक जलाकर दीपावली मनाई जाएगी। हर किसी की तरह हमपर भी भगवान श्रीराम की असीम कृपा रही है। 22 जनवरी को जिस परिवार में संतान होने पर बधाई गाने जाएंगे, नेग नहीं मांगेगे। जो मिल जाएगा, खुशी-खुशी ले आएंगे। नहीं भी मिलेगा, तो आशीर्वाद देकर लौट आएंगे।
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आज प्रभु की कृपा है कि हम आशीर्वाद देते हैं
अलबेली बताती हैं कि जब प्रभु श्रीराम वनवास जा रहे थे तो अवध के हर नर-नारी के साथ किन्नर भी उनके पीछे जाने लगे। प्रभु राम के निवेदन पर सभी लौटकर अयोध्या आ गए। लेकिन, किन्नर अयोध्या नहीं आए। तमसा नदी के पास 14 साल तक प्रभु राम का गुणगान और उनकी पूजा अर्चना की। 14 वर्ष बाद जब प्रभु लौट कर आए तो वह किन्नरों का उनके प्रति समर्पण भाव देख प्रसन्न हुए। तभी उन्होंने वरदान दिया कि संतान होने पर किन्नर घर में बधाई गाकर बच्चे को आशीर्वाद देंगे तो वहां खुशहाली बनी रहेगी। आज प्रभु की कृपा है कि हम आशीर्वाद देते हैं।
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